➤ कुल्लू के बाड़ी स्कूल में खीर खाने के बाद 39 बच्चे बीमार
➤ 15 बच्चों को अस्पताल से छुट्टी, बाकी की हालत में भी सुधार
➤ मिड-डे मील की खीर पर सवाल, एसडीएम और शिक्षा विभाग करेंगे जांच
पतलीकूहल, कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के पतलीकूहल स्थित बाड़ी प्राथमिक स्कूल में मिड-डे मील के तहत परोसी गई खीर खाने के बाद बड़ी संख्या में बच्चों की तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया। उल्टी और दस्त की शिकायत के बाद 39 बच्चों को सीएचसी पतलीकूहल लाया गया। कुछ बच्चों की हालत को देखते हुए उन्हें क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू भी रेफर किया गया।
बुधवार को उपचाराधीन बच्चों में से 15 बच्चों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। चिकित्सकों के अनुसार बाकी बच्चों की हालत में भी सुधार बताया जा रहा है और उनकी लगातार निगरानी की जा रही है। घटना के बाद अभिभावकों में चिंता का माहौल है, वहीं प्रशासन और शिक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

खीर खाने के बाद बिगड़ी बच्चों की तबीयत, अस्पताल पहुंचाए गए छात्र
जानकारी के अनुसार मंगलवार को बाड़ी प्राथमिक स्कूल में बच्चों को मिड-डे मील के तहत खीर परोसी गई थी। खाना खाने के बाद कई बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। बच्चों को उल्टी और दस्त की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए पतलीकूहल स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।
मंगलवार शाम तक 39 बच्चों को सीएचसी पतलीकूहल लाया गया। कुछ बच्चों की तबीयत अधिक बिगड़ने पर उन्हें क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के लिए रेफर किया गया। अस्पताल में चिकित्सकों की टीम बच्चों के स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए है।
अस्पताल में बच्चों के पहुंचने की सूचना मिलते ही अभिभावक भी वहां पहुंच गए। बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ने से कई अभिभावक परेशान नजर आए और उन्होंने पूरे मामले की जांच की मांग उठाई।
15 बच्चों को मिली अस्पताल से छुट्टी, बाकी की हालत में सुधार
उपचार के बाद बुधवार को 15 बच्चों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अन्य बच्चों की स्थिति में भी सुधार बताया जा रहा है। डॉक्टर उनकी निगरानी कर रहे हैं और जरूरत के अनुसार उपचार दिया जा रहा है।
प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर बच्चों की तबीयत एक साथ क्यों बिगड़ी। प्रारंभिक तौर पर इसे फूड पॉइजनिंग की आशंका से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन बीमारी के वास्तविक कारण की पुष्टि जांच और खाद्य सामग्री की रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
विधायक ने एसडीएम को सौंपी जांच, दोषी मिलने पर कार्रवाई का भरोसा
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने जांच एसडीएम को सौंप दी है। विधायक ने अस्पताल पहुंचकर उपचाराधीन बच्चों और उनके परिजनों से मुलाकात की तथा उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।
विधायक ने कहा कि मामले की पूरी जांच करवाई जाएगी। यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद प्रशासन की ओर से स्कूल में मिड-डे मील की व्यवस्था से जुड़े सभी पहलुओं को जांच के दायरे में लाने की बात कही जा रही है।

शिक्षा विभाग भी खंगालेगा मिड-डे मील की पूरी प्रक्रिया
बच्चों के बीमार पड़ने के बाद शिक्षा विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है। डिप्टी डायरेक्टर ज्ञान चंद के अनुसार विभाग की टीम स्कूल पहुंचकर पूरे मामले की जांच कर रही है।
जांच में मिड-डे मील तैयार करने से लेकर उसे बच्चों को परोसे जाने तक की पूरी प्रक्रिया को देखा जा रहा है। खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, भोजन तैयार करने का तरीका, स्वच्छता व्यवस्था और भोजन के वितरण से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जाएगी।
विभाग का कहना है कि यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
खीर के सैंपल और खाद्य सामग्री की जांच से खुलेगा बीमारी का राज
बच्चों की तबीयत बिगड़ने के पीछे फिलहाल सबसे अधिक चर्चा मिड-डे मील में परोसी गई खीर को लेकर है। अभिभावकों का कहना है कि खीर खाने के बाद ही बच्चों की तबीयत बिगड़ी, इसलिए इस भोजन की गुणवत्ता और इसे तैयार करने की प्रक्रिया की जांच जरूरी है।
हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि बच्चों के बीमार पड़ने का कारण केवल खीर ही थी। वास्तविक कारण खाद्य सामग्री की जांच और स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
जांच एजेंसियों के सामने यह भी महत्वपूर्ण होगा कि भोजन तैयार करने में इस्तेमाल की गई सामग्री कहां से आई थी, उसे किस तरह सुरक्षित रखा गया और भोजन तैयार करने के दौरान स्वच्छता के मानकों का कितना पालन हुआ।
बाड़ी स्कूल में 51 बच्चे पंजीकृत, मंगलवार को मौजूद सभी बच्चे बीमार
बाड़ी प्राथमिक स्कूल में कुल 51 बच्चे पंजीकृत हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार मंगलवार को स्कूल में मौजूद बच्चों में तबीयत खराब होने की शिकायत सामने आई। 39 बच्चों को मंगलवार शाम उपचार के लिए सीएचसी पतलीकूहल लाया गया, जबकि कुछ बच्चे बुधवार सुबह भी अस्पताल पहुंचे।
घटना ने स्कूल में बच्चों को दिए जाने वाले मिड-डे मील की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों की मांग है कि जांच केवल बीमारी के कारण तक सीमित न रहे, बल्कि स्कूल में भोजन तैयार करने और परोसने की पूरी व्यवस्था की भी जांच हो।
पूर्व विधायक गोविंद सिंह ठाकुर भी अस्पताल पहुंचे
मामले की जानकारी मिलने के बाद पूर्व विधायक गोविंद सिंह ठाकुर भी बुधवार को सीएचसी पतलीकूहल पहुंचे। उन्होंने उपचाराधीन बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
उन्होंने कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य बेहद संवेदनशील विषय है और इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने नहीं आनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामले पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य और उनकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
अब जांच रिपोर्ट का इंतजार, तय होगी जिम्मेदारी
फिलहाल बच्चों की सेहत में सुधार को राहत की खबर माना जा रहा है, लेकिन एक साथ बड़ी संख्या में बच्चों के बीमार पड़ने की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन और शिक्षा विभाग की जांच के साथ अब खाद्य सामग्री की जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी।
यदि जांच में भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता या मिड-डे मील तैयार करने और परोसने की प्रक्रिया में किसी तरह की कमी सामने आती है तो जिम्मेदारी तय की जा सकती है। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान बच्चों के स्वास्थ्य पर है और अस्पताल में भर्ती बच्चों की निगरानी जारी है।




