- चंबा के होली में युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष चंद्रमणि कुलेठी की अंतिम यात्रा में उमड़ा भारी जनसैलाब
- दलगत राजनीति से ऊपर उठकर कांग्रेस और भाजपा नेताओं ने दी दिवंगत युवा नेता को श्रद्धांजलि
- अंतिम विदाई के दौरान पसरा रहा सन्नाटा, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के पहुंचने का रहा इंतजार
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की जनजातीय होली घाटी में वीरवार को गम और आंसुओं का सैलाब उमड़ पड़ा, जब बिजली का करंट लगने से असामयिक काल का ग्रास बने हिमाचल युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रमणि कुलेठी की अंतिम यात्रा निकाली गई। अपने चहेते और जुझारू युवा नेता को अंतिम विदाई देने के लिए समूचे क्षेत्र से सैकड़ों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। हर किसी की आंखें नम थीं और माहौल पूरी तरह शोकाकुल था।
चंद्रमणि कुलेठी की अंतिम यात्रा में केवल स्थानीय ग्रामीण और रिश्तेदार ही नहीं, बल्कि कांग्रेस और भाजपा समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के दिग्गज नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक साथ पहुंचकर दलगत राजनीति से ऊपर उठते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों की भारी मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि चंद्रमणि का सामाजिक और राजनीतिक दायरा कितना व्यापक था और वह दलगत सीमाओं से परे जाकर क्षेत्र के लोगों के दिलों में बसते थे।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के होली दौरे की तैयारियों के दौरान आधी रात को पार्टी के झंडे और बैनर लगाते समय 11 केवी लाइन के संपर्क में आने से चंद्रमणि की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस असमय और हृदयविदारक हादसे से भरमौर और होली क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है। क्षेत्रवासियों ने इसे समाज और युवा राजनीति के लिए एक ऐसी अपूरणीय क्षति बताया, जिसकी भरपाई लंबे समय तक संभव नहीं होगी।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू भी अपने तमाम पूर्व निर्धारित उद्घाटन व शिलान्यास कार्यक्रम रद्द कर विशेष रूप से चंद्रमणि की अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए रवाना हुए थे। हालांकि, अंतिम यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री होली नहीं पहुंच पाए थे और स्थानीय लोग व प्रशासनिक अधिकारी उनके पहुंचने की प्रतीक्षा करते रहे। अंतिम यात्रा में शामिल जनसमूह ने सिसकियों और नम आंखों के बीच अपने होनहार युवा साथी को अंतिम विदाई दी।



