➤ अगले महीने से शुरू होगी मुख्यमंत्री का अपना परिवार सुखी परिवार योजना
➤ पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये मासिक, परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली और निशुल्क इलाज
➤ सोलन अधिवेशन में प्रियंका गांधी की मौजूदगी में होगा शुभारंभ
शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने घोषणा की है कि अगले महीने से “मुख्यमंत्री का अपना परिवार सुखी परिवार योजना” शुरू की जाएगी। इस योजना के तहत गरीब परिवारों की पात्र सभी महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह की वित्तीय सहायता दी जाएगी। योजना के लाभार्थी परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली और स्वास्थ्य बीमा कार्ड के माध्यम से निशुल्क चिकित्सा सुविधा भी मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार, 3 नवंबर को चंबा ज़िले के भटियात दौरे के दौरान चुवाड़ी चौगान में जनसभा को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने बताया कि योजना की शुरुआत सोलन में आयोजित होने वाले अधिवेशन में सांसद प्रियंका गांधी की मौजूदगी में की जाएगी।
भटियात को कितना लाभ। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और आम परिवारों को राहत देने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार भटियात विधानसभा क्षेत्र की 20 हजार महिलाओं को प्रतिमाह 1,500 रुपये दिए जाएंगे, जबकि 10 हजार परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा मिलेगी।
प्रदेश भर में कितने परिवार। कांग्रेस की गारंटियों को लागू करने की दिशा में ग्रामीण विकास विभाग ने पंचायत स्तर पर सर्वेक्षण करवाया है। इसमें आर्थिक रूप से कमज़ोर करीब 1.80 लाख परिवारों को 300 यूनिट निशुल्क बिजली के लिए चिह्नित किया गया है। वहीं करीब 2.50 लाख महिलाओं को मासिक वित्तीय सहायता देने की तैयारी है। योजना के तहत सहायता राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में भेजी जाएगी और पात्र परिवारों को बिजली बिल में राहत दी जाएगी।
लॉन्चिंग में पहले क्यों हुई देरी। इस योजना का शुभारंभ पहले 2 अक्तूबर को सोलन में प्रस्तावित था। रिपोर्ट्स के अनुसार आवेदनों के ज़मीनी सत्यापन में अतिरिक्त समय लगने और पात्रता से जुड़े नए दिशा-निर्देश तैयार होने के कारण कार्यक्रम टल गया था। सूत्रों के अनुसार सरकार अपने कार्यकाल के चार साल पूरे होने के अवसर पर 11 दिसंबर को योजना शुरू करने की तैयारी में है, हालांकि सरकार की ओर से तारीख की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है।
भाजपा पर निशाना। मुख्यमंत्री ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने 75 हजार रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवारों की महिलाओं को 1,500 रुपये देने का वादा किया था। इसके बावजूद भाजपा के करीब 50 लोगों का समूह सोशल मीडिया पर गलत प्रचार कर लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर भी निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा सरकार ने बिना पर्याप्त योजना के स्कूल खोल दिए, लेकिन बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षकों की भर्ती नहीं की, जबकि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने के बाद प्रदेश में 2,700 शिक्षकों की भर्ती की है।
विपक्ष का रुख। भाजपा नेता और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पूर्व में आरोप लगाते रहे हैं कि कांग्रेस ने चुनाव से पहले प्रदेश की सभी महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह देने की गारंटी दी थी, जिसे अब तक पूरा नहीं किया गया और अब योजना सीमित वर्ग तक सिमटती जा रही है। सरकार का पक्ष यह है कि वादा आय की तय सीमा वाले परिवारों की महिलाओं के लिए था और योजना उसी के अनुरूप चरणबद्ध ढंग से लागू की जा रही है।
भटियात को और क्या मिला। मुख्यमंत्री ने भटियात में सिविल कोर्ट खोलने की मांग स्वीकार कर ली है, जिससे क्षेत्र के लोगों को न्यायिक कार्यों के लिए दूसरे स्थानों पर नहीं जाना पड़ेगा। इसके अलावा चुवाड़ी-चंबा सुरंग की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए 4.50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। डीपीआर तैयार होने के बाद आगामी प्रक्रिया शुरू होगी। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में सीबीएसई से संबद्ध स्कूल खोलने और सड़कों के लिए 10 करोड़ रुपये देने की घोषणा भी की। इससे पहले उन्होंने भटियात क्षेत्र की 36 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया, जिन पर कुल 419.90 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सभा में विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री 3 से 6 नवंबर तक चंबा ज़िले के दौरे पर हैं।
पात्र परिवारों के लिए ज़रूरी जानकारी।
- पात्रता, आवेदन की प्रक्रिया और दस्तावेज़ों की सही जानकारी के लिए ग्राम पंचायत, खंड विकास कार्यालय या ग्रामीण विकास विभाग से ही पुष्टि करें।
- सहायता राशि सीधे बैंक खाते में आनी है, इसलिए खाते को आधार से जोड़ा हुआ और चालू रखें।
- बिजली मीटर, राशन कार्ड और परिवार के पहचान दस्तावेज़ों में नाम-पते की त्रुटि हो तो समय रहते सुधरवा लें।
- योजना के नाम पर पैसे मांगने वाले किसी दलाल या फर्ज़ी लिंक के झांसे में न आएं, आधिकारिक घोषणा का ही इंतज़ार करें।



