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नयना देवी मंदिर हादसा: बंदर से बचने के प्रयास में गिरे जालंधर के श्रद्धालु की मौत, मंदिर में बढ़ते बंदरों के आतंक पर उठे सवाल

नयना देवी मंदिर में बंदर से बचने के प्रयास में जालंधर के श्रद्धालु की गिरकर मौत
पत्नी के साथ दर्शन करने पहुंचे कपड़ा व्यापारी विजय गुप्ता का संतुलन बिगड़ने से हुआ हादसा
घटना के बाद मंदिर परिसर की सुरक्षा और अस्पताल की सुविधाओं पर उठे गंभीर सवाल


हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले स्थित उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नयना देवी मंदिर में बुधवार शाम एक दर्दनाक हादसे में पंजाब के जालंधर निवासी कपड़ा व्यापारी विजय गुप्ता की मौत हो गई। वह अपनी पत्नी के साथ माता के दर्शन करने मंदिर पहुंचे थे। दर्शन के दौरान मंदिर परिसर में अचानक एक बंदर उनके ऊपर झपट पड़ा। बंदर से बचने के प्रयास में उनका संतुलन बिगड़ गया और वह जमीन पर गिर पड़े। गिरने से उनके सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं।

परिजन और स्थानीय लोगों ने घायल अवस्था में उन्हें तुरंत सिविल अस्पताल घवांडल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद पूरे मंदिर परिसर में शोक का माहौल बन गया। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम सहित अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विजय गुप्ता जालंधर में कपड़े का कारोबार करते थे और परिवार के साथ धार्मिक यात्रा पर हिमाचल आए थे। मंदिर में दर्शन के दौरान हुए इस अप्रत्याशित हादसे ने उनके परिवार को गहरा सदमा पहुंचाया है।

इस घटना ने एक बार फिर श्री नयना देवी मंदिर परिसर में बढ़ते बंदरों के आतंक को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन बंदरों की बढ़ती संख्या लंबे समय से श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। कई बार बंदर श्रद्धालुओं के हाथों से प्रसाद, पर्स, मोबाइल फोन और अन्य सामान छीन लेते हैं, जबकि कई मामलों में वे लोगों पर झपट भी पड़ते हैं, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बनने का खतरा बना रहता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे बंदरों के कारण सबसे अधिक परेशान होते हैं। श्रद्धालु लंबे समय से मंदिर प्रशासन से बंदरों पर प्रभावी नियंत्रण की मांग करते रहे हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।

हादसे ने घवांडल स्थित सिविल अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। उत्तर भारत के प्रमुख शक्तिपीठों में शामिल श्री नयना देवी मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन निकटतम सरकारी अस्पताल में आज भी शवगृह और शव सुरक्षित रखने के लिए फ्रीजर जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं को भी मजबूत किया जाना चाहिए।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं इस दुखद घटना के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा बंदरों के आतंक से स्थायी राहत दिलाने की मांग उठाई है।