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‘नशेड़ी’ बयान पर हिमाचल की राजनीति गरमाई: भारती ने CM सुक्खू को चंडीगढ़ में डोप टेस्ट कराने की चुनौती दी

सीएम सुक्खू के ‘नशेड़ी’ बयान पर नीरज भारती का पलटवार

पूर्व विधायक ने मुख्यमंत्री को चंडीगढ़ में डोप टेस्ट की चुनौती दी

कांग्रेस से निष्कासन के बाद सरकार पर लगातार हमलावर हैं नीरज भारती


हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कांग्रेस से निष्कासित पूर्व विधायक एवं पूर्व मुख्य संसदीय सचिव नीरज भारती के बीच चल रहा विवाद अब सार्वजनिक चुनौती तक पहुंच गया है। मुख्यमंत्री की ओर से दिए गए ‘नशेड़ी’ वाले बयान के बाद नीरज भारती ने वीडियो जारी कर तीखी प्रतिक्रिया दी है और मुख्यमंत्री को डोप टेस्ट कराने की खुली चुनौती दे दी है।

रविवार शाम जारी किए गए एक वीडियो संदेश में नीरज भारती ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री उन्हें नशेड़ी मानते हैं तो वह डोप टेस्ट कराने के लिए तैयार हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह हिमाचल प्रदेश में डोप टेस्ट नहीं कराना चाहते, क्योंकि उन्हें यहां जांच प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने सुझाव दिया कि यह टेस्ट चंडीगढ़ में कराया जाए ताकि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी रहे।

नीरज भारती ने केवल मुख्यमंत्री सुक्खू को ही नहीं बल्कि हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के उपाध्यक्ष अजय वर्मा को भी डोप टेस्ट कराने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि अजय वर्मा ने भी उन्हें डोप टेस्ट कराने की सलाह दी थी, इसलिए यदि जांच होती है तो सभी संबंधित लोग इसमें शामिल हों।

वीडियो के दौरान नीरज भारती ने मुख्यमंत्री पर कई व्यक्तिगत टिप्पणियां भी कीं। उन्होंने कहा कि एक समय वह मुख्यमंत्री को अपना भाई मानते थे, लेकिन अब उनके संबंध पहले जैसे नहीं रहे। उन्होंने दावा किया कि राजनीतिक परिस्थितियों और हालिया घटनाक्रम के बाद दोनों के बीच विश्वास समाप्त हो चुका है।

अपने बयान के अंत में नीरज भारती ने शराब और सिगरेट को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि युवावस्था में कुछ लोगों को ऐसी आदतें हो सकती हैं, लेकिन बढ़ती उम्र के साथ इनसे दूरी बना लेनी चाहिए। यह बयान भी राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

दरअसल विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कुछ दिन पहले मीडिया के एक सवाल का जवाब देते हुए नीरज भारती का नाम लिए बिना कहा था कि “नशेड़ी आदमी कोई बयान दे दे तो उसका क्या मसला है। उसकी बातों को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए।” मुख्यमंत्री के इस बयान को राजनीतिक गलियारों में सीधे तौर पर नीरज भारती से जोड़कर देखा गया। इसके बाद पूर्व विधायक ने सोशल मीडिया और वीडियो संदेश के माध्यम से लगातार प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया।

पिछले कई दिनों से नीरज भारती सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कांग्रेस सरकार, मुख्यमंत्री और पार्टी संगठन के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोले हुए थे। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली, संगठनात्मक फैसलों और नेतृत्व शैली को लेकर कई सवाल उठाए थे। उनके बयानों के बाद कांग्रेस संगठन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें छह वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया।

विवाद के बीच नीरज भारती ने यह आरोप भी लगाया कि राज्य सरकार के दबाव में उनकी फेसबुक आईडी बंद करवा दी गई। उनका दावा है कि वह इसी सोशल मीडिया मंच के जरिए सरकार की आलोचना कर रहे थे और इसी कारण उनके अकाउंट पर कार्रवाई हुई। हालांकि इस संबंध में सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

दिलचस्प बात यह है कि नीरज भारती के पिता और हिमाचल सरकार में कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने भी सार्वजनिक रूप से उनके लगातार हमलों को उचित नहीं बताया है। इससे यह विवाद केवल राजनीतिक नहीं बल्कि पारिवारिक और संगठनात्मक स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस के भीतर शुरू हुआ यह टकराव आने वाले दिनों में और अधिक चर्चा का केंद्र बन सकता है। फिलहाल डोप टेस्ट की चुनौती और मुख्यमंत्री के बयान को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमाई हुई है।