➤नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जेकेएसए को लिखा पत्र
➤ कश्मीरी छात्रों और शॉल विक्रेताओं पर हमलों की कड़ी निंदा
➤ नफरत की राजनीति के खिलाफ लड़ाई और हर संभव समर्थन का आश्वासन
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को जम्मू एंड कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JKSA) के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुहेमी को पत्र लिखकर देश के विभिन्न हिस्सों में कश्मीरी छात्रों और शॉल विक्रेताओं पर हुए हमलों को लेकर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने हालिया घटनाओं को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि किसी भी नागरिक को उसकी पहचान के आधार पर निशाना बनाना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है।
अपने पत्र में राहुल गांधी ने कहा कि “नफरत की राजनीति” ने न केवल संस्थाओं को कमजोर किया है, बल्कि देश के सामाजिक ताने-बाने को भी आघात पहुंचाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोगों के मौन समर्थन या प्रत्यक्ष प्रोत्साहन से कुछ तत्वों को बढ़ावा मिला है, जिससे अल्पसंख्यक और हाशिए पर खड़े समुदायों में भय का माहौल बना है।
नेता प्रतिपक्ष ने स्पष्ट शब्दों में हर प्रकार की हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि उनकी पार्टी संविधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने पीड़ित छात्रों, व्यापारियों और उनके परिवारों के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए भरोसा दिलाया कि वे नफरत के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे और हर नागरिक के गरिमा, सुरक्षा और समान अधिकारों के लिए आवाज उठाते रहेंगे।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब देश के कई राज्यों से कश्मीरी छात्रों और मौसमी व्यापारियों, विशेषकर शॉल विक्रेताओं, के साथ उत्पीड़न और धमकियों की खबरें सामने आ रही हैं। जम्मू एंड कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन लगातार इन मामलों को राजनीतिक नेतृत्व और प्रशासन के समक्ष उठा रहा है और समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस मुद्दे पर राहुल गांधी का सार्वजनिक रुख आगामी राजनीतिक विमर्श में अहम भूमिका निभा सकता है। फिलहाल, पीड़ित समुदाय सुरक्षा और न्याय की उम्मीद लगाए हुए है।



