➤ हाईकोर्ट ने रणधीर शर्मा के निर्वाचन को चुनौती देने वाली रामलाल ठाकुर की याचिका खारिज की
➤ Form 25 के अनुरूप हलफनामा नहीं होने को न्यायालय ने माना अहम कानूनी कमी
➤ 2022 के श्री नैना देवी जी विधानसभा चुनाव को लेकर न्यायिक चुनौती का हुआ निपटारा
शिमला। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने श्री नैना देवी जी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक एवं पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा के निर्वाचन को चुनौती देने वाली कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर की चुनाव याचिका खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति संदीप शर्मा की अदालत ने 18 अगस्त 2026 को Election Petition No. 1 of 2022 में यह फैसला सुनाया।
इस फैसले के साथ वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में रणधीर शर्मा के निर्वाचन को चुनौती देने वाली रामलाल ठाकुर की चुनाव याचिका पर न्यायिक चुनौती समाप्त हो गई है।
2022 के चुनाव में दी गई थी चुनौती
वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में श्री नैना देवी जी सीट से कांग्रेस प्रत्याशी रामलाल ठाकुर ने भाजपा प्रत्याशी रणधीर शर्मा के निर्वाचन को चुनौती देते हुए चुनाव याचिका दायर की थी। याचिका में मतगणना, पोस्टल बैलेट और कथित भ्रष्ट आचरण से जुड़े विभिन्न आरोप लगाए गए थे।
न्यायालय के रिकॉर्ड के अनुसार विधानसभा चुनाव 12 नवंबर 2022 को हुआ था, जबकि मतगणना 8 दिसंबर 2022 को हुई थी।
हलफनामे के प्रारूप को लेकर उठी आपत्ति
मामले की सुनवाई के दौरान रणधीर शर्मा की ओर से चुनाव याचिका की वैधानिक कमियों को लेकर आपत्तियां उठाई गईं। इसमें विशेष रूप से Representation of the People Act, 1951 की धारा 83(1), Conduct of Election Rules, 1961 के Rule 94A और निर्धारित Form 25 के अनुरूप हलफनामा दाखिल नहीं किए जाने का मुद्दा प्रमुख रहा।
उच्च न्यायालय ने 26 सितंबर 2025 के अपने पूर्व आदेश में पाया था कि याचिकाकर्ता की ओर से चुनाव याचिका के समर्थन में दाखिल हलफनामा निर्धारित कानूनी प्रावधानों के अनुरूप नहीं था।
इसके बाद न्यायालय ने रामलाल ठाकुर को इस कमी को दूर करने के लिए 15 अक्टूबर 2025 तक नया हलफनामा दाखिल करने का अवसर दिया था। अदालत ने स्पष्ट किया था कि निर्धारित समय में आवश्यक अनुपालन नहीं होने पर चुनाव याचिका को Order VII Rule 11 CPC के तहत खारिज माना जाएगा।
नया हलफनामा भी आपत्ति के घेरे में
इसके बाद रामलाल ठाकुर की ओर से अक्टूबर 2025 में नया हलफनामा दाखिल किया गया। हालांकि, रणधीर शर्मा की ओर से इस पर भी आपत्ति दर्ज की गई। उनकी ओर से तर्क दिया गया कि नया हलफनामा भी न्यायालय के आदेश और संबंधित वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप नहीं है।
अंतिम सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने Form 25 और याचिकाकर्ता की ओर से दाखिल हलफनामे का परीक्षण किया। अदालत ने पाया कि दाखिल किया गया हलफनामा निर्धारित Form 25 के अनुरूप नहीं था।
ज्ञान और सूचना के आधार पर सत्य बताने पर भी सवाल
न्यायालय ने यह भी नोट किया कि हलफनामे में संबंधित कथनों को एक स्थान पर याचिकाकर्ता के ज्ञान के आधार पर सत्य बताया गया, जबकि दूसरे स्थान पर उन्हीं कथनों को सूचना के आधार पर सत्य बताया गया।
हलफनामे के इसी स्वरूप और निर्धारित प्रारूप के अनुपालन को लेकर उठाई गई आपत्तियां मामले में महत्वपूर्ण रहीं।
वैधानिक प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर याचिका खारिज
अदालत के समक्ष मामला केवल चुनाव परिणाम को चुनौती देने वाले आरोपों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि चुनाव याचिका दाखिल करने की अनिवार्य वैधानिक प्रक्रिया और निर्धारित हलफनामे के प्रारूप के अनुपालन पर भी केंद्रित रहा।
पूर्व आदेश में कमी दूर करने के लिए समय दिए जाने के बावजूद दाखिल किए गए नए हलफनामे पर भी आपत्ति कायम रही। अंतिम सुनवाई में न्यायालय ने Form 25 के अनुरूप हलफनामा नहीं पाए जाने और संबंधित वैधानिक आवश्यकताओं का अनुपालन नहीं होने के आधार पर चुनाव याचिका खारिज कर दी।
इस फैसले के साथ वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में श्री नैना देवी जी विधानसभा क्षेत्र से रणधीर शर्मा के निर्वाचन को चुनौती देने वाली रामलाल ठाकुर की चुनाव याचिका का निपटारा हो गया।



