➤ साढ़े चार साल बाद सारी पंचायत में रंजू नेगटा बनीं प्रधान, कोर्ट ने दिया फैसला
➤ हाईकोर्ट की रीकाउंटिंग में निकला सच — एक वोट से हारी रंजू असल में थीं विजेता
➤ दिसंबर तक ही रहेंगी पद पर, जल्द होने वाले पंचायत चुनावों से पहले न्याय की जीत
हिमाचल प्रदेश के जुब्बल विकास खंड की सारी पंचायत में साढ़े चार साल पांच के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार रंजू नेगटा को उनका हक मिला। प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद शुक्रवार को एसडीएम जुब्बल गुरमीत नेगी ने उन्हें प्रधान पद की शपथ दिलाई।
यह मामला वर्ष 2021 के पंचायत चुनाव से जुड़ा है। उस समय रंजू नेगटा और अनु रांगटा प्रधान पद के लिए आमने-सामने थीं। 21 जनवरी 2021 को घोषित नतीजों में अनु रांगटा को 247 वोट और रंजू को 246 वोट मिले थे। महज एक वोट से अनु रांगटा विजयी घोषित हुई थीं।
परिणाम से असंतुष्ट रंजू ने उच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया, आरोप लगाते हुए कि उनके पक्ष के कुछ वोटों को गलत तरीके से अवैध घोषित किया गया था, जबकि कुछ वोट अनुचित रूप से मान्य माने गए।
हाईकोर्ट ने चुनाव रिकॉर्ड मंगवाकर दोबारा गिनती (रीकाउंटिंग) करवाई। जांच में स्पष्ट हुआ कि अनु रांगटा को 244 वोट, जबकि रंजू नेगटा को 245 वोट मिले हैं। इस आधार पर 26 सितंबर को अदालत ने रंजू को विजेता घोषित किया।
अदालत के आदेशों की पालना करते हुए 14 अक्तूबर को उपायुक्त शिमला ने अधिसूचना जारी कर रंजू को सारी पंचायत की प्रधान घोषित कर दिया। शुक्रवार को रंजू ने आधिकारिक रूप से शपथ ली और पंचायत कार्यभार संभाला।
रंजू ने कहा, “लगभग पांच साल की कानूनी लड़ाई के बाद न्याय की जीत हुई है। जो धांधली पांच साल पहले हुई थी, वह आज सबके सामने आ गई।”
हालांकि, वह अब केवल दिसंबर तक प्रधान पद पर रहेंगी, क्योंकि प्रदेश में पंचायत चुनाव दिसंबर-जनवरी में प्रस्तावित हैं।



