➤ बाल मेले के अंतिम दिन नारदा शारदा मंदिर में परिवार संग पूजा-अर्चना कर आरएस बाली ने लिया मां का आशीर्वाद
➤ मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू नगरोटा बगवां में सांस्कृतिक कार्यक्रम में मौजूद, हजारों लोगों का उमड़ा जनसैलाब
➤ रक्तदान, मेगा मेडिकल कैंप, रोजगार मेला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ सेवा व विकास का बना उत्सव
नगरोटा बगवां। विकास पुरुष स्वर्गीय जी.एस. बाली की स्मृति में आयोजित बाल मेला अपने भव्य समापन की ओर बढ़ रहा है। कई दिनों तक सेवा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सरोकारों का संदेश देने वाले इस आयोजन के अंतिम दिन पूरा नगरोटा बगवां उत्सव के रंग में रंगा हुआ है। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू इस समय नगरोटा बगवां में आयोजित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में मौजूद हैं। कार्यक्रम स्थल पर सुबह से ही लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था और अब हजारों दर्शकों का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। मैदान पूरी तरह खचाखच भरा हुआ है और लोग मुख्यमंत्री के संबोधन तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का उत्साह के साथ आनंद ले रहे हैं। नामी कलाकारों ने अपनी परफारमेंस से पूरा माहौल बांधा हुआ है।

इसी बीच, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (HPTDC) के चेयरमैन एवं नगरोटा बगवां के विधायक आरएस बाली ने अपने परिवार के साथ नारदा शारदा मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने मां के चरणों में शीश नवाकर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने उनका आत्मीय स्वागत किया। पूजा-अर्चना के बाद आरएस बाली ने आयोजन समिति, स्वयंसेवकों और कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर पूरे आयोजन को सफल बनाने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
जनसेवा को समर्पित बना जी.एस. बाली बाल मेला
इस वर्ष का जी.एस. बाली बाल मेला केवल मनोरंजन का आयोजन नहीं रहा, बल्कि समाजसेवा का एक व्यापक अभियान बनकर सामने आया। मेले की शुरुआत विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर से हुई, जिसमें सैकड़ों युवाओं और सामाजिक संगठनों ने भाग लेकर मानवता की मिसाल पेश की। इसके बाद आयोजित मेगा मेडिकल कैंप में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सैकड़ों लोगों की स्वास्थ्य जांच कर नि:शुल्क परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया। स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और आयोजन को सराहा।
रोजगार मेले ने युवाओं को दिए नए अवसर
बाल मेले के दौरान आयोजित मेगा रोजगार मेले में देश की नामी कंपनियों ने हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए। दसवीं, बारहवीं, आईटीआई, डिप्लोमा, स्नातक और तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवाओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कई अभ्यर्थियों का मौके पर ही चयन हुआ, जिससे यह आयोजन युवाओं के लिए भी उम्मीद की नई किरण बनकर उभरा।
मुख्यमंत्री की मौजूदगी से बढ़ी आयोजन की भव्यता
बाल मेले के अंतिम दिन आयोजित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम ने पूरे आयोजन को नई ऊंचाई दे दी है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की मौजूदगी से कार्यक्रम का उत्साह कई गुना बढ़ गया है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोग सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने के लिए नगरोटा बगवां पहुंचे हैं। कार्यक्रम स्थल पर हर आयु वर्ग के लोगों की भारी भीड़ मौजूद है और पूरा वातावरण उत्साह, उल्लास और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर नजर आ रहा है। प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के व्यापक इंतजाम किए हैं ताकि लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
जी.एस. बाली की विरासत को आगे बढ़ा रहा आयोजन
रक्तदान, स्वास्थ्य सेवाएं, रोजगार, संस्कृति और आस्था को एक मंच पर जोड़ने वाला जी.एस. बाली बाल मेला आज प्रदेश के सबसे प्रतिष्ठित सामाजिक आयोजनों में शामिल हो चुका है। यह आयोजन स्वर्गीय जी.एस. बाली की विकास और जनसेवा की सोच को आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम बन रहा है। हजारों लोगों की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि उनकी विरासत आज भी लोगों के दिलों में जीवित है और आरएस बाली उसी जनसेवा के संकल्प को नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। पिछले कल विकास पुरष श्री जीएसबाली मेडिकल कैंप का आयोजन हुआ। जिसका शुभारंभ हिमाचल प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने किया। सैकड़ों लोगों ने स्वास्थय लाभ पाया।



