➤ संजौली मारपीट और सार्वजनिक जुलूस मामले में चार और आरोपी गिरफ्तार
➤ मामले में अब तक कुल छह गिरफ्तारियां, पुलिस अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही
➤ कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत
शिमला के संजौली में कथित छेड़छाड़ मामले के बाद हुई मारपीट, तोड़फोड़ और दो युवकों को सार्वजनिक रूप से घुमाने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। इस मामले में पुलिस ने चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही अब तक गिरफ्तार लोगों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और साक्ष्यों के आधार पर अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
यह मामला पिछले दिनों पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर नाबालिग से कथित छेड़छाड़ के आरोपों की जांच चल रही है, वहीं दूसरी ओर कानून को हाथ में लेकर दो युवकों के साथ कथित मारपीट और सार्वजनिक रूप से जुलूस निकालने की घटना ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। पुलिस दोनों मामलों की अलग-अलग कानूनी पहलुओं के तहत जांच कर रही है।
पुलिस थाना संजौली में दर्ज शिकायत के अनुसार, अजीम मिर्जा ने आरोप लगाया था कि कुछ लोग उनकी दुकान में घुस आए और उनके साथ मारपीट की। आरोपियों ने दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की तारें भी तोड़ दीं। शिकायत में कहा गया कि इसके बाद उन्हें और उनके सहकर्मी आफताब को दुकान से बाहर निकालकर बाजार में घुमाया गया और सार्वजनिक रूप से मारपीट की गई। घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
मामले में सबसे पहले पुलिस ने मदन ठाकुर और विजय शर्मा को गिरफ्तार किया था। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने चार अन्य आरोपियों श्वेता चौहान, कल्पना शर्मा, गौरव कुमार और गगन शर्मा को भी गिरफ्तार कर लिया। अब तक इस मामले में कुल छह लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून को अपने हाथ में लेने की किसी को अनुमति नहीं दी जा सकती।
पूरा मामला एक नाबालिग लड़की की शिकायत से शुरू हुआ था। लड़की ने आरोप लगाया था कि संजौली बाजार की एक दुकान में काम करने वाले युवक ने उसके साथ अश्लील हरकत की। शिकायत के बाद मामला स्थानीय लोगों और हिंदू संघर्ष समिति के संज्ञान में आया। समिति का आरोप था कि शिकायत के बावजूद समय पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
पुलिस ने नाबालिग की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के बिजनौर निवासी उबैद को गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ पॉक्सो अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक शिकायत और मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज बयान में एक ही आरोपी का नाम सामने आया था।
उधर, समिति के कुछ पदाधिकारियों और समर्थकों की गिरफ्तारी के बाद संजौली बाजार में विरोध प्रदर्शन भी हुआ। पीड़िता और उसके परिजनों सहित कई लोग सड़क पर उतर आए और गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग करते हुए चक्का जाम किया। देर रात तक प्रदर्शन जारी रहा, जिसके चलते क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
फिलहाल पुलिस दो अलग-अलग मामलों की जांच कर रही है। पहला मामला नाबालिग से कथित छेड़छाड़ का है, जबकि दूसरा मामला मारपीट, तोड़फोड़ और सार्वजनिक रूप से जुलूस निकालने का है। दोनों मामलों में जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं।
जिला शिमला पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद या आपराधिक घटना की स्थिति में कानून को अपने हाथ में लेने के बजाय पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा रखें। पुलिस ने चेतावनी दी है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने या स्वयं कार्रवाई करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।



