- देवभूमि संघर्ष समिति ने संजौली मस्जिद से अवैध निर्माण जल्द हटाने की मांग की
- समिति का आरोप है कि प्रशासन हिंदू समाज के खिलाफ षड्यंत्र कर रहा है और न्यायालय के आदेशों की अवहेलना कर रहा है
- समिति ने पहले नवरात्र पर हवन करने और ‘संजौली चलो’ आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी
Sanjouli Mosque Controversy: हिमाचल प्रदेश देवभूमि संघर्ष समिति ने संजौली मस्जिद से अवैध निर्माण जल्द हटाने की मांग दोहराई है। समिति ने प्रशासन पर न्यायालय के आदेशों की अनदेखी करने और हिंदू समाज के खिलाफ षड्यंत्र करने का आरोप लगाया है। समिति के संयोजक भरत भूषण ने कहा कि यदि प्रशासन समय रहते अवैध निर्माण नहीं हटाता तो पहले नवरात्र पर प्रशासन की सद्बुद्धि के लिए हवन किया जाएगा और ‘संजौली चलो’ आंदोलन की शुरुआत की जाएगी।
भरत भूषण ने शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि 5 अक्टूबर 2024 को नगर निगम आयुक्त अदालत ने आदेश दिया था कि दिसंबर 2024 तक संजौली मस्जिद की तीन अवैध मंजिलों को हटाया जाए। लेकिन मार्च 2025 तक भी प्रशासन इस आदेश का पालन करवाने में असफल रहा है। उन्होंने कहा कि इसके बाद 15 मार्च को सुनवाई तय की गई थी, लेकिन यह नहीं हो सकी। उच्च न्यायालय ने भी आदेश दिया था कि आठ हफ्तों में इस मामले का निपटारा किया जाए, मगर नगर निगम अदालत इन आदेशों की अवहेलना कर रही है।
संघर्ष समिति का आरोप है कि प्रशासन और सरकार इस मुद्दे पर जानबूझकर देरी कर रही है और हिंदू समाज के साथ अन्याय किया जा रहा है। भरत भूषण ने कहा कि प्रदेश में बाहरी प्रवासियों, जिनमें रोहिंग्या और बांग्लादेशी शामिल हैं, के खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इससे प्रदेश में जनसंख्या असंतुलन और अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है।
संघर्ष समिति ने ऐलान किया कि यदि प्रशासन जल्द संजौली मस्जिद से अवैध निर्माण नहीं हटाता तो पहले नवरात्र पर प्रदेश सरकार और प्रशासन की सद्बुद्धि के लिए हवन किया जाएगा। इसके बाद ‘संजौली चलो’ आंदोलन के तहत पूरे प्रदेश से हिंदू समाज के लोगों को संजौली में एकत्र होने का आह्वान किया जाएगा। समिति ने कहा कि वे न्याय व्यवस्था को बचाने के लिए हर संभव कदम उठाने को तैयार हैं।



