शिमला के आम आदमी को जहां ढाई मंजिल का घर बनाने की इज़ाज़त नहीं है। एनजीटी के आदेशों के बाद शिमला में लोगों को ढाई मंज़िल का घर बनाने की ही अनुमति है लेकिन सरकार के लिए इन आदेशों का कोई मतलब नहीं है। जिसका ताज़ा उदाहरण शिमला में बनी दस मंजिला पार्किंग है। जिसको एशियान डेवलपमेंट बैंक से पैसा लेकर बनाया गया है। 11 मंजिला हिमाचल हाइकोर्ट के बाद शिमला की ये ऐसी दूसरी ईमारत है जो दस मंज़िला बनाई गई है।
जब ये पार्किंग बननी शुरू हुई थी उस वक़्त भी शिमला में मात्र पांच मंजिला भवन की ही इज़ाज़त थी। बाबजूद इसके इस पार्किंग को दस मंज़िला बनाया गया। जिसमें 700 से 1000 तक कि गाड़ियों के खड़ा करने की व्यवस्था है। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज इसको जनता के लिए समर्पित किया। लगभग 82 करोड़ की लागत से बनकर तैयार की गई इस पार्किंग को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है।
पार्किंग में ये होंगी सुविधाएं….
- शहर का सबसे बड़ा पार्किंग स्थल होगा, जिसे रज्जू मार्ग से जोधा निवास तक जोड़ा जाएगा।
- वाणिज्यिक परिसर एवं कार्यालयों के अतिरिक्त फूड कोर्ट।
- यात्री विश्राम कक्ष भी होगा।
- सभी मंजिलों पर शौचालय सुविधायुक्त डोरमिट्री, शौचालय की सुविधा।
- पार्किंग परिसर अग्निशमन प्रणाली से सुसज्जित होगा।
- यहां सीसीटीवी अनुश्रवण प्रणाली भी होगी।
- पर्यटन विभाग चलाएगा पार्किंग।



