➤ शिमला जिले के जुब्बल इलाके के धार गांव में बीती रात अचानक भड़की आग से पाँच रिहायशी मकान पूरी तरह खाक हो गए
➤ ग्रामीणों की सूझबूझ और दमकल विभाग की तत्परता से समय रहते आग पर काबू पाया गया जिससे बड़ा हादसा टल गया
➤ घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया और आग लगने के कारणों की पड़ताल शुरू कर दी
शिमला जिले के जुब्बल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले धार गांव में बीती रात उस वक्त अफरातफरी मच गई जब अचानक एक घर से उठी चिंगारी ने विकराल रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते इस भयानक अग्निकांड ने आसपास के रिहायशी मकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे स्थानीय लोगों में गहरी दहशत फैल गई। घटना की भनक लगते ही सोते हुए ग्रामीण अपनी जान बचाने और आग बुझाने के लिए तुरंत घरों से बाहर निकल आए। भयंकर लपटों को दूर-दूर तक आते देख लोगों के बीच चीख-पुकार मच गई और हर तरफ भगदड़ जैसा माहौल बन गया।
रात का समय होने और रिहायशी इलाके में पानी की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण आग पर तुरंत काबू पाना राहत और बचाव दलों के लिए बड़ी चुनौती साबित हुआ। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पाँच घर जलकर पूरी तरह राख हो गए और अंदर रखा सामान भी स्वाहा हो गया। हालांकि ग्रामीणों ने अपने स्तर पर पूरी ताकत झोंक दी ताकि आग को आगे बढ़ने से रोका जा सके। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए तुरंत दमकल विभाग और स्थानीय पुलिस थाने को इस बड़ी दुर्घटना की सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस दल और दमकल कर्मियों की गाड़ियां तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हो गईं और युद्धस्तर पर बचाव अभियान शुरू किया गया। अंधेरे और संकरे रास्तों के बावजूद दमकल कर्मियों ने स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर घंटों तक कड़ी मशक्कत की। रातभर चले इस संयुक्त राहत अभियान के बाद आखिरकार सुबह तक आग की लपटों को पूरी तरह शांत करने में सफलता मिल गई। जुब्बल के एसडीएम गुरमीत नेगी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है और प्रशासन प्रभावित परिवारों को हुए आर्थिक नुकसान का आंकलन कर रहा है।



