➤ हिमलैंड में देर रात लैंडस्लाइड, कई गाड़ियां दब गईं
➤ शहरी विधायक हरीश जनारथा मौके पर पहुंचे, नुकसान का लिया जायजा
➤ लोकनिर्माण विभाग ने सुबह सड़क यातायात बहाल किया
राजधानी शिमला में देर रात से हो रही भारी बारिश ने शहर में तबाही मचाई। जगह-जगह पेड़ गिरने और लैंडस्लाइड की घटनाओं ने लोगों की नींद उड़ा दी। सुबह करीब 3 बजे हिमलैंड क्षेत्र में एक बड़ा भूस्खलन हुआ, जिसमें भारी मलबा सड़क पर आ गिरा और कई वाहन इसकी चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गए। मलबा पास के भवनों तक जा पहुंचा, जिससे घरों में भी नुकसान हुआ। अचानक आए इस हादसे ने लोगों को रात के अंधेरे में ही अपने घरों से बाहर निकलने पर मजबूर कर दिया।
यातायात पूरी तरह ठप हो गया, लेकिन सुबह 9 बजे तक लोकनिर्माण विभाग की टीम ने मशीनरी लगाकर सड़क को दोबारा वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया। इस दौरान मौके पर शहरी विधायक हरीश जनारथा पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उनके साथ नगर निगम शिमला की उपमहापौर उमा कौशल और पार्षद भी मौजूद रहे। हरीश जनारथा ने अधिकारियों को मौके पर मौजूद खतरा बने पेड़ों को हटाने और प्रभावित भवनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
स्थानीय लोगों ने बताया कि रात 2:30 बजे तेज बारिश के बीच अचानक पहाड़ी से भारी मलबा नीचे आया और घरों की खिड़कियों तक जा पहुंचा। कई परिवारों को तत्काल अपने घर खाली करने पड़े। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई, लेकिन वाहन और संपत्ति को काफी नुकसान झेलना पड़ा है।
शिमला जिले के कनलोग क्षेत्र में देर रात भारी बारिश के बाद एक बार फिर भूस्खलन की बड़ी घटना सामने आई है। भारी मात्रा में मलबा और पत्थर सड़क पर गिरने से आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया है।
गौरतलब है कि साल 2023 में भी इसी इलाके में बड़ा लैंडस्लाइड हुआ था, जिसमें लोगों को भागकर अपनी जान बचानी पड़ी थी। उस हादसे की यादें अब भी लोगों के ज़हन में ताज़ा हैं और इस बार भी अचानक हुए भूस्खलन ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि देर रात लगातार तेज बारिश हो रही थी और अचानक पहाड़ी से भारी मलबा सड़क पर आ गिरा। कई घंटे तक लोग अपने घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। घटना में अब तक किसी तरह के जानी नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रशासन ने इलाके को खतरनाक घोषित कर दिया है और लोगों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए गए हैं।
लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीम मौके पर पहुंचकर सड़क को खोलने का प्रयास कर रही है। मशीनरी तैनात कर दी गई है, लेकिन भारी मलबा और लगातार गिरते पत्थरों की वजह से राहत कार्यों में दिक्कतें आ रही हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से इस रास्ते से गुजरने की कोशिश न करें।
शिमला शहर में लगातार हो रही बारिश से पेड़ गिरने और भूस्खलन की घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि बार-बार हो रहे लैंडस्लाइड इस क्षेत्र की नाजुक भौगोलिक स्थिति की ओर इशारा करते हैं। लोगों का कहना है कि सरकार को यहां स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि हर बार बारिश में खतरे की स्थिति न बने।



