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भाजपा पार्षद के सस्पेंशन पर शिमला में सियासी घमासान, महापौर पर असंवैधानिक तरीके से पद पर बने रहने का आरोप

भाजपा पार्षद बिट्टू पाना के सस्पेंशन पर गरमाई सियासत
महापौर सुरेंद्र चौहान पर असंवैधानिक तरीके से पद पर बने रहने का आरोप
उपायुक्त कार्यालय के बाहर भाजपा का प्रदर्शन, नारेबाजी


नगर निगम शिमला की मासिक बैठक में हुए हंगामे के बाद कृष्णा नगर वार्ड से भाजपा पार्षद बिट्टू पाना को सस्पेंड किए जाने का मामला तूल पकड़ गया है। सस्पेंशन के विरोध में भाजपा ने नगर निगम महापौर सुरेंद्र चौहान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा कार्यकर्ताओं और पार्षदों ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन करते हुए महापौर पर नगर निगम को “गुंडागर्दी” से चलाने के आरोप लगाए।

भाजपा नेताओं का कहना है कि महापौर का कार्यकाल पूरा हो चुका है और वह असंवैधानिक तरीके से पद पर बने हुए हैं। पार्टी ने सवाल उठाया है कि आखिर किस अधिकार और शक्ति के तहत महापौर ने एक निर्वाचित पार्षद को सस्पेंड किया। इस मुद्दे को लेकर जिला भाजपा ने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताया है।

भाजपा शिमला जिला अध्यक्ष केशव चौहान ने कहा कि महापौर गैरकानूनी तरीके से पद पर बने हुए हैं और सदन की कार्यवाही के दौरान भाजपा पार्षदों के साथ अभद्र व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा अपने पार्षदों के साथ मजबूती से खड़ी है और महापौर की मनमानी नहीं चलने देगी।

वहीं सस्पेंड किए गए पार्षद बिट्टू पाना ने आरोप लगाया कि महापौर का कार्यकाल समाप्त हो चुका है, ऐसे में उन्हें किसी भी पार्षद को निलंबित करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि जब मासिक बैठक में भाजपा पार्षदों ने महापौर से कार्यकाल बढ़ाने की अधिसूचना के बारे में पूछा तो उन्होंने जवाब देने के बजाय बदसलूकी की।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद नगर निगम की राजनीति में तनाव बढ़ गया है। भाजपा ने संकेत दिए हैं कि यदि सस्पेंशन वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस विवाद पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।