➤ दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में रिज मैदान तक सत्याग्रह, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू भी रहे मौजूद
➤ छात्रों ने पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग दोहराई, आंदोलन को मिला व्यापक जनसमर्थन
शिमला। NEET परीक्षा विवाद और आंदोलन के दौरान दिवंगत हुए छात्रों की स्मृति में शनिवार को राजधानी शिमला में भावनाओं से भरा एक विशाल कैंडल मार्च और सत्याग्रह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्र, अभिभावक, शिक्षक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और आम नागरिक शामिल हुए। सभी ने मोमबत्तियां जलाकर दिवंगत छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके अधूरे सपनों को न्याय दिलाने का संकल्प लिया।
कैंडल मार्च इंदिरा गांधी खेल परिसर से शुरू होकर ऐतिहासिक रिज मैदान तक निकाला गया। पूरे मार्ग में प्रतिभागियों ने शांतिपूर्ण ढंग से मार्च करते हुए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, छात्रों के भविष्य की सुरक्षा और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग उठाई। वातावरण पूरी तरह भावुक दिखाई दिया और श्रद्धांजलि सभा के दौरान कई लोगों की आंखें नम हो गईं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू भी कार्यक्रम में पहुंचे और छात्रों के साथ कैंडल मार्च एवं सत्याग्रह में शामिल हुए। उन्होंने दिवंगत छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि विद्यार्थियों का भविष्य सर्वोच्च प्राथमिकता है और उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुना जाएगा। मुख्यमंत्री की उपस्थिति से आंदोलन को नया बल मिला और बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने इसे छात्रों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश बताया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की कड़ी आलोचना की। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी मांगों को शांतिपूर्ण ढंग से रखने वाले छात्रों पर बल प्रयोग उचित नहीं है। उन्होंने केंद्र और संबंधित एजेंसियों से परीक्षा प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा छात्रों के अधिकारों की रक्षा करने की मांग की।
छात्र नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य, विश्वास और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों की मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा।
रिज मैदान में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में सभी उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत छात्रों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम के अंत में युवाओं ने एक स्वर में निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली, जवाबदेही और छात्र हितों की रक्षा के लिए मिलकर आवाज उठाने का संकल्प लिया।



