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छात्रा से अश्लील हरकतों के दोषी शिक्षक को अदालत ने सुनाई छह साल की सजा

पॉक्सो एक्ट में स्कूल प्रवक्ता दोषी करार, छह साल की सजा
छात्रा से अश्लील हरकतें करने का मामला, अदालत ने गवाही को माना पुख्ता
जुर्माना और मुआवजा भी तय, पीड़िता को मिलेगी आर्थिक सहायता


हिमाचल प्रदेश के शिमला जिला में पॉक्सो एक्ट के तहत एक अहम मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए स्कूल के एक प्रवक्ता को दोषी करार दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय शिमला विवेक शर्मा की अदालत ने आरोपी जय प्रकाश को दोषी मानते हुए छह वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने आरोपी पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उसे तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

यह मामला अक्तूबर 2024 का है, जब शिमला जिले के सुन्नी क्षेत्र के एक स्कूल में तैनात प्रवक्ता पर छात्रा के साथ अश्लील हरकतें करने का आरोप लगा था। घटना के बाद स्कूल की यौन उत्पीड़न विरोधी कमेटी ने जांच कर रिपोर्ट तैयार की, जिसके आधार पर 6 नवंबर 2024 को सुन्नी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया।

सुनवाई के दौरान अदालत ने पीड़िता की गवाही को पूरी तरह विश्वसनीय और संगत माना। पीड़िता के बयान को उसके पिता, अध्यापिकाओं और स्कूल के प्रिंसिपल की गवाहियों से भी मजबूती मिली। अदालत के अनुसार, प्रिंसिपल के सामने आरोपी ने घटना को स्वीकार करते हुए माफी भी मांगी थी, जिसे एक्स्ट्रा-ज्यूडिशियल कन्फेशन माना गया।

अदालत ने कहा कि साक्ष्यों में छोटी-मोटी विसंगतियां स्वाभाविक होती हैं और इससे मामले की गंभीरता कम नहीं होती। आरोपी एक शिक्षक होने के नाते विश्वास की स्थिति में था, और इस तरह का कृत्य न केवल नैतिक रूप से निंदनीय है बल्कि शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा और भरोसे को भी कमजोर करता है

अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में सख्त सजा आवश्यक है ताकि समाज में गलत संदेश न जाए। अदालत ने यह भी निर्देश दिए कि जुर्माने की राशि पीड़िता को मुआवजे के रूप में दी जाए। इसके अतिरिक्त, पीड़िता को एक लाख रुपये का अतिरिक्त मुआवजा देने की सिफारिश जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण से की गई है।