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शिमला में स्वच्छता पोस्टर पर विवाद, भगवान राम के चित्र को लेकर भाजपा ने जताई आपत्ति


मेयर सुरेंद्र चौहान का पलटवार – पोस्टर केंद्र सरकार की वेबसाइट से जारी, भाजपा करवाए एफआईआर मोदी सरकार पर
कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने, सनातन विरोधी बयानबाजी से गरमाया माहौल


शिमला। स्वच्छता अभियान को लेकर शिमला नगर निगम द्वारा लगाए गए एक पोस्टर ने राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है। इस पोस्टर में भगवान राम बाल रूप में कूड़े के ढेर पर बाण चलाते हुए दिखाए गए हैं, जिसे लेकर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई है। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह पोस्टर सनातन विरोधी मानसिकता को दर्शाता है और कांग्रेस शासित नगर निगम की सोच को उजागर करता है।

भाजपा के नेताओं ने नगर निगम पर भगवान राम का अपमान करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस सरकार को जनभावनाओं से खिलवाड़ करने वाला बताया है। वहीं इस पूरे मामले में शिमला नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान ने भाजपा पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि यह पोस्टर नगर निगम ने खुद नहीं बनाया है, बल्कि यह केंद्र सरकार द्वारा जारी किया गया है।

मेयर चौहान ने बताया कि पोस्टर स्वच्छ भारत अभियान के तहत केंद्र सरकार की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड किया गया है। उन्होंने कहा,

“यह पोस्टर केंद्र सरकार की साइट पर उपलब्ध है, जिसे स्वच्छता अभियान के लिए देशभर में उपयोग किया जा रहा है। भाजपा नेताओं को भगवान राम के नाम पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। अगर उन्हें आपत्ति है, तो वे केंद्र की मोदी सरकार पर एफआईआर दर्ज करवाएं।”

उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है और नगर निगम केवल उसी सामग्री का उपयोग कर रहा है जो केंद्र सरकार द्वारा भेजी जाती है। चौहान ने यह भी जोड़ा कि भाजपा नेताओं का यह रवैया राजनीतिक अवसरवाद को दर्शाता है और जनता को भ्रमित करने का प्रयास है।

इस विवाद के बाद शिमला में धार्मिक और राजनीतिक हलकों में बहस छिड़ गई है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा इस मुद्दे को कितना आगे बढ़ाती है और केंद्र सरकार इस विवाद पर क्या रुख अपनाती है।