Follow Us:

शिमला में युवा कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, पुतला दहन की कोशिश में पुलिस से झड़प; गिरफ्तार कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग तेज

➤ दिल्ली में गिरफ्तार युवा साथियों की रिहाई को लेकर शिमला में सड़कों पर उतरी युवा कांग्रेस
➤ प्रधानमंत्री का पुतला जलाने की कोशिश, पुलिस हस्तक्षेप के दौरान धक्का-मुक्की
➤ एआई समिट और गलगोटिया यूनिवर्सिटी प्रकरण को लेकर केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप


दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए युवा साथियों की रिहाई की मांग को लेकर आज राजधानी शिमला में राजनीतिक माहौल गरमा गया। भारतीय युवा कांग्रेस के आह्वान पर प्रदेश युवा कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष छतर सिंह ठाकुर ने किया, जबकि संगठन के राष्ट्रीय महासचिव एवं हिमाचल प्रभारी शेष नारायण ओझा भी विशेष रूप से मौजूद रहे।

प्रदर्शनकारियों ने राजीव भवन से रैली निकालते हुए शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए पुराना बस स्टैंड शिमला तक मार्च किया। रैली के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय एआई समिट से जुड़े एक कथित प्रकरण में विरोध जताने वाले युवाओं को अनुचित तरीके से गिरफ्तार किया गया है।

रैली के दौरान प्रधानमंत्री का पुतला जलाने की कोशिश की गई। जैसे ही कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन का प्रयास किया, मौके पर मौजूद पुलिस बल ने हस्तक्षेप किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और हल्की धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया, हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखी।

युवा कांग्रेस नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय एआई समिट के दौरान गलगोटिया यूनिवर्सिटी से जुड़े एक मामले को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की साख को नुकसान पहुंचाने वाली घटनाओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। नेताओं ने यह भी कहा कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो उसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

प्रदेशाध्यक्ष छतर सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन केंद्र सरकार असहमति की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में गिरफ्तार किए गए युवा साथियों को तुरंत रिहा किया जाए और उनके खिलाफ दर्ज सभी मामले वापस लिए जाएं।

राष्ट्रीय महासचिव शेष नारायण ओझा ने भी अपने संबोधन में कहा कि युवा कांग्रेस लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विरोध करने वालों पर सख्ती दिखा रही है, जबकि जनता के मुद्दों पर चुप्पी साधे हुए है।

प्रदर्शन के दौरान “PM Is Compromised” जैसे नारे भी लगाए गए। नेताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य देश की लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करना है और वे इस मुद्दे को लेकर आगे भी आंदोलन जारी रखेंगे।

दूसरी ओर, पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल पूरे घटनाक्रम के बाद शिमला में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।