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हिमाचल की शिवानी शर्मा बनीं सेना में कैप्टन

सितंबर 2024 में लेफ्टिनेंट बनी थीं शिवानी शर्मा
जुब्बड़ गांव की बेटी को अब कैप्टन पद पर पदोन्नति
परिवार के सहयोग और मेहनत को सफलता का श्रेय


शिमला। हिमाचल प्रदेश की बेटियां अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा से अलग-अलग क्षेत्रों में नई पहचान बना रही हैं। इसी कड़ी में शिमला ग्रामीण की सुन्नी तहसील की नीन पंचायत के जुब्बड़ गांव की रहने वाली शिवानी शर्मा ने भारतीय सेना में कैप्टन बनकर परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। सितंबर 2024 में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्ति हासिल करने वाली शिवानी को अब कैप्टन के पद पर पदोन्नति मिली है। उनकी इस उपलब्धि की जानकारी सामने आने के बाद नीन पंचायत, सुन्नी और करसोग क्षेत्र में खुशी का माहौल है और लोग उन्हें बधाइयां दे रहे हैं।

शिवानी शर्मा ने सेना में अधिकारी बनने का सपना मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ पूरा किया। सितंबर 2024 में लेफ्टिनेंट बनने के बाद उन्होंने सैन्य सेवा में अपनी जिम्मेदारियों को निभाया और अब कैप्टन के पद तक पहुंची हैं। कम समय में मिली इस पदोन्नति को क्षेत्र में उनकी मेहनत, अनुशासन और समर्पण से जोड़कर देखा जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में आगे बढ़ना शिवानी के परिवार के लिए भी विशेष उपलब्धि है।

परिवार के सहयोग को दिया सफलता का श्रेय

शिवानी शर्मा अपनी सफलता में परिवार के सहयोग को बेहद महत्वपूर्ण मानती हैं। उन्होंने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने सास-ससुर जयन्ती शर्मा और धर्म प्रकाश शर्मा तथा अपने पति मनीष शर्मा को दिया है। शिवानी के अनुसार परिवार की ओर से लगातार मिले प्रोत्साहन और सहयोग ने उन्हें अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखने में मदद की।

उनकी यात्रा यह भी बताती है कि किसी बड़े लक्ष्य को हासिल करने में व्यक्तिगत मेहनत के साथ परिवार का भरोसा और प्रोत्साहन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। शिवानी ने सैन्य अधिकारी बनने के अपने लक्ष्य को लगातार आगे बढ़ाया और अब कैप्टन के पद तक पहुंचकर अपने परिवार के साथ अपने क्षेत्र को भी गौरवान्वित किया है।

जुब्बड़ गांव से लेकर सुन्नी और करसोग तक खुशी

शिवानी शर्मा शिमला ग्रामीण की सुन्नी तहसील के नीन पंचायत के जुब्बड़ गांव की रहने वाली हैं। उनके कैप्टन बनने की खबर सामने आने के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में खुशी का माहौल है। पंचायत और क्षेत्र के लोगों ने शिवानी को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई दी है।

स्थानीय लोगों के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि शिवानी ने ग्रामीण क्षेत्र से आगे बढ़कर भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में अपनी पहचान बनाई है। उनकी सफलता को क्षेत्र की बेटियों के लिए एक सकारात्मक उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है। इससे ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली युवतियों को भी शिक्षा, मेहनत और अपने निर्धारित लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल सकती है।

मेहनत और प्रोत्साहन से हासिल किया मुकाम

शिवानी की उपलब्धि के पीछे मेहनत, दृढ़ संकल्प और पारिवारिक प्रोत्साहन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सितंबर 2024 में लेफ्टिनेंट बनने के बाद अब कैप्टन के पद पर पदोन्नति हासिल करना उनके सैन्य करियर में एक नया पड़ाव है। परिवार और क्षेत्र के लोग उनकी इस उपलब्धि को गर्व के साथ देख रहे हैं।

जुब्बड़ गांव की शिवानी शर्मा की यह सफलता सिर्फ उनके परिवार तक सीमित नहीं है। नीन पंचायत, सुन्नी और करसोग क्षेत्र के लोगों के लिए भी यह गर्व का विषय बनी है। उनकी उपलब्धि से यह संदेश मिलता है कि छोटे ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर भी युवा अपने संकल्प और मेहनत के दम पर बड़े लक्ष्य हासिल कर सकते हैं।