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“हालात बिगड़े हैं तो आंदोलन की चेतावनी क्यों? बाबा रामदेव को तुरंत आंदोलन शुरू करना चाहिए।” — सुखविंदर सिंह सुक्खू

रामदेव के आंदोलन वाले बयान पर सीएम सुक्खू का तंज, बोले- हालात बिगड़े हैं तो तुरंत आंदोलन शुरू करें

सुक्खू ने भाजपा सरकारों पर पेपर लीक के आरोप लगाते हुए पुलिस भर्ती और HPSSC हमीरपुर मामलों का किया जिक्र

रामदेव ने सरकारी भर्ती में बड़े घोटाले का दावा करते हुए पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर जताई थी चिंता


शिमला। योग गुरु बाबा रामदेव की ओर से सरकारी भर्तियों में कथित भ्रष्टाचार, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था को लेकर आंदोलन की चेतावनी पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने तंज कसा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामदेव ने यह बात तभी कही होगी, जब उन्हें लगा होगा कि हालात बिगड़ चुके हैं। सुक्खू ने कहा कि अगर उन्हें लगता है कि स्थिति खराब है तो उन्हें तुरंत प्रभाव से आंदोलन शुरू कर देना चाहिए

मुख्यमंत्री सुक्खू ने यह प्रतिक्रिया बाबा रामदेव के स्वतंत्रता दिवस पर हरिद्वार में दिए गए बयान को लेकर दी। रामदेव ने देश की शिक्षा व्यवस्था और सरकारी भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने सरकारी नौकरियों में इंटरव्यू को लेकर बड़े स्तर पर गड़बड़ी होने का दावा किया था और कहा था कि नौकरियां पैसे देकर मिलने की स्थिति बन रही है।

रामदेव ने दावा किया था कि सरकारी नौकरियों के इंटरव्यू में 90 प्रतिशत तक घोटाला हो रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ जगहों पर 50 लाख से एक करोड़ रुपये तक देकर नौकरियां मिलने की बातें सामने आ रही हैं। रामदेव ने ऐसी स्थिति को लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था के खिलाफ बताया।

उन्होंने सरकारी भर्ती प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार के साथ पेपर लीक के मुद्दे पर भी चिंता जताई। रामदेव का कहना था कि यदि देश में घपले और भ्रष्टाचार की स्थिति को जल्द नहीं सुधारा गया तो दोबारा आंदोलन की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने सरकार और व्यवस्था से समय रहते स्थिति संभालने की अपील भी की।

रामदेव के बयान के बहाने भाजपा पर निशाना

बाबा रामदेव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल की राजनीति से जुड़े पेपर लीक मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने रामदेव के बयान के बहाने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा की सरकारों के दौरान पेपर लीक की घटनाएं सामने आती रही हैं।

मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश में सामने आए पुलिस भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले का जिक्र किया। इसके साथ ही उन्होंने हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग, हमीरपुर से जुड़े कई पेपर लीक मामलों को भी उठाया।

सुक्खू ने कहा कि भाजपा सरकार के समय पेपर लीक हुए और उनकी सरकार ने इन मामलों में कार्रवाई करते हुए आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा। मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे को भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता से जोड़ते हुए अपनी सरकार की कार्रवाई का हवाला दिया।

शिमला में मीडिया से बातचीत के दौरान दिया बयान

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने यह बात शिमला में मीडिया से बातचीत के दौरान कही। वह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और पूर्व शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज समेत भाजपा के अन्य नेता भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सुक्खू और भाजपा नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने उनके राजनीतिक योगदान और देश के लिए किए गए कार्यों को भी याद किया।

इसी दौरान मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री से बाबा रामदेव के भ्रष्टाचार, पेपर लीक और आंदोलन की चेतावनी से जुड़े बयान को लेकर सवाल किया गया। जवाब में सुक्खू ने तंज कसते हुए कहा कि अगर रामदेव को लगता है कि हालात बिगड़ गए हैं तो उन्हें आंदोलन शुरू कर देना चाहिए।

भर्ती प्रक्रिया और पेपर लीक पर फिर गरमाई सियासत

रामदेव के बयान के बाद सरकारी भर्ती प्रक्रिया और पेपर लीक का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। एक तरफ रामदेव ने देशभर में भर्ती प्रक्रिया और शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं, वहीं हिमाचल में मुख्यमंत्री सुक्खू ने इस बहाने भाजपा सरकार के दौरान सामने आए पेपर लीक मामलों को मुद्दा बना दिया।

मुख्यमंत्री ने खास तौर पर पुलिस भर्ती परीक्षा और कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर से जुड़े मामलों का जिक्र कर यह बताने की कोशिश की कि उनकी सरकार ने ऐसे मामलों में कार्रवाई की है। वहीं रामदेव के बयान ने सरकारी नौकरियों में कथित भ्रष्टाचार, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर व्यापक सवाल खड़े किए हैं।

अब इस पूरे मामले में राजनीतिक बयानबाजी आगे बढ़ने की संभावना है। रामदेव की ओर से आंदोलन को लेकर दिए गए संकेत और उस पर मुख्यमंत्री सुक्खू की प्रतिक्रिया ने भर्ती प्रक्रिया और पेपर लीक के पुराने मुद्दे को फिर चर्चा में ला दिया है।