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डेरा बाबा रूद्रानंद के अधिष्ठाता स्वामी सुग्रीवानंद जी महाराज को पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी गई।
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हिमाचल के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री समेत अनेक गणमान्य व्यक्ति अंतिम यात्रा में शामिल हुए और श्रद्धांजलि अर्पित की।
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स्वामी जी के सम्मान में ऊना जिला प्रशासन ने 3 मार्च को स्थानीय अवकाश घोषित किया।
Swami Sugravanand Ji Maharaj Last Rites: उत्तर भारत के प्रसिद्ध संत एवं डेरा बाबा रूद्रानंद के अधिष्ठाता परम पूज्य श्री श्री 1008 स्वामी सुग्रीवानंद जी महाराज को हिमाचल सरकार ने पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी। उनकी अंतिम यात्रा में हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, डीसी जतिन लाल, एसपी राकेश सिंह, विधायक सतपाल सत्ती, राकेश कालिया, विवेक शर्मा, अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा, “महाराज जी का जीवन सनातन धर्म और मानवता की सेवा के लिए समर्पित रहा। उनकी अनुपस्थिति एक बड़ी रिक्तता छोड़ गई है, जिसे समय भी भर नहीं पाएगा।”
स्वामी जी के महाप्रयाण पर हजारों श्रद्धालुओं ने अंतिम दर्शन किए और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धालुओं की भीड़ से डेरा परिसर भावनात्मक माहौल में डूब गया।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच स्वामी जी के उत्तराधिकारी आचार्य हेमानंद महाराज ने दी मुखाग्नि
स्वामी सुग्रीवानंद जी महाराज के पार्थिव शरीर को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया, जहां उनके प्रधान शिष्य एवं उत्तराधिकारी आचार्य हेमानंद महाराज ने उन्हें मुखाग्नि दी।

3 मार्च को ऊना में घोषित किया गया स्थानीय अवकाश
स्वामी जी के सम्मान में ऊना जिला प्रशासन ने 3 मार्च को स्थानीय अवकाश घोषित किया।
स्वामी सुग्रीवानंद जी का जीवन परिचय
स्वामी सुग्रीवानंद जी महाराज का 2 मार्च को पीजीआई चंडीगढ़ में 98 वर्ष की आयु में देहावसान हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ थे। उनके योगदान को देखते हुए हिमाचल सरकार ने उनकी अंत्येष्टि पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ संपन्न कराई।




