➤ डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी–जापान व्यापार समझौते को लागू करने वाले कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए
➤ जापानी ऑटोमोबाइल पर टैरिफ घटकर 15% हुआ और जापान करेगा $550 अरब का निवेश
➤ इससे अमेरिका में रोजगार बढ़ेगा, व्यापार घाटा घटेगा और दक्षिण कोरिया की ऑटो इंडस्ट्री पर असर पड़ेगा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को अमेरिका–जापान के बीच हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते को लागू करने के लिए कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस आदेश के बाद अब जापानी ऑटोमोबाइल और पार्ट्स पर लगने वाला टैरिफ घटकर 15 प्रतिशत हो गया है, जो पहले करीब 27–28 प्रतिशत था। इसे अमेरिकी सरकार ने “नई यूएस–जापान ट्रेड रिलेशनशिप की शुरुआत” बताया है।
इस समझौते के तहत जापान ने अमेरिका में $550 अरब का निवेश करने का वादा किया है। यह निवेश कृषि, रक्षा उपकरण, ऊर्जा और विमानन क्षेत्र में होने वाला है। अमेरिका का मानना है कि इस समझौते से रोजगार में वृद्धि होगी, व्यापार घाटा घटेगा और अमेरिकी उद्योग को नई गति मिलेगी।
वहीं, दक्षिण कोरिया जैसे देशों को चिंता है क्योंकि उनकी ऑटो इंडस्ट्री पर अभी भी 25% टैक्स जारी रहेगा। विश्लेषकों का कहना है कि इस फैसले से जापानी ऑटो कंपनियों को अमेरिकी बाज़ार में सीधी बढ़त मिलेगी और इसका सीधा असर साउथ कोरिया की कंपनियों पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अमेरिकी इतिहास के सबसे बड़े व्यापारिक सौदों में से एक साबित हो सकता है। इसे लेकर अमेरिकी राजनीति और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हलचल तेज हो गई है।



