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तमिलनाडु के करूर में एक्टर विजय की रैली में भगदड़, अब तक 31 मौतें

तमिलनाडु के करूर में एक्टर विजय की रैली में भगदड़, अब तक 31 मौतें
➤ पुलिस लाठीचार्ज के बाद अफरातफरी, कई लोग घायल होकर अस्पताल में भर्ती
पीएम मोदी समेत नेताओं ने जताया शोक, मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं


तमिलनाडु के करूर जिले में शनिवार को अभिनेता से नेता बने थलपति विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) की रैली के दौरान बड़ा हादसा हो गया। रैली में भीड़ बेकाबू हो गई और पुलिस लाठीचार्ज के बाद भगदड़ मच गई। इस अफरातफरी में अब तक 31 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 58 से अधिक लोग घायल हैं। मृतकों में कई बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं।

विजय के भाषण के दौरान भीड़ बढ़ने लगी और कई लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई।

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, विजय की लोकप्रियता को देखते हुए लाखों लोग इस रैली में पहुंचे थे। विजय बस पर चढ़कर अपना भाषण दे रहे थे।

भगदड़ मचने पर एक्टर विजय ने भाषण रोक दिया, शांति की अपील की, फिर वे वहां से निकल गए।

भीड़ लगातार बढ़ रही थी और लोगों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी। कई लोग बेहोश होकर गिरने लगे। इस दौरान हालात बिगड़े और भगदड़ मच गई। विजय ने भाषण बीच में ही रोक दिया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की, फिर वह वहां से निकल गए।

तमिलनाडु सरकार ने घटना के तुरंत बाद राहत कार्य शुरू किए। घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती करवाया गया, जहां कई की हालत गंभीर बनी हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अस्पताल में संसाधनों की भारी कमी रही और बड़ी संख्या में घायलों को तुरंत इलाज नहीं मिल सका।

पीएम नरेंद्र मोदी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं प्रकट कीं। उन्होंने कहा कि यह बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाला हादसा है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और AIADMK नेता एडप्पादी के. पलनीस्वामी समेत कई नेताओं ने भी इस घटना पर शोक जताया है।

बता दें कि विजय ने इसी साल 2 फरवरी को अपनी पार्टी की लॉन्चिंग की थी। इसके बाद 22 अगस्त को उन्होंने पार्टी का फ्लैग और सिम्बल जारी किया और 8 सितंबर को चुनाव आयोग से मान्यता भी मिली। विजय ने पहले ही ऐलान किया था कि राजनीति में आने के बाद वह फुल टाइम जनता की सेवा करेंगे और 30 अप्रैल 2025 को रिलीज होने वाली उनकी फिल्म ‘थलपति 69’ उनकी आखिरी फिल्म होगी।

इस भीषण घटना ने न केवल तमिलनाडु की राजनीति बल्कि विजय की पार्टी के भविष्य पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि पुलिस और प्रशासन भीड़ को नियंत्रित करने में नाकाम क्यों रहा और अचानक लाठीचार्ज की जरूरत क्यों पड़ी। फिलहाल जांच जारी है और सरकार ने मृतकों के परिजनों को मुआवजे का आश्वासन दिया है।