➤ विक्रमादित्य सिंह ने खट्टर से मांगी 1,200 करोड़ की परियोजनाओं को मंजूरी
➤ चंडीगढ़-पंचकूला सीमा पर नए शहर के लिए साझा इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रस्ताव उठाया
➤ वेणुगोपाल से संगठन और हिमाचल के राजनीतिक हालात पर चर्चा, प्रियंका से भी मिल चुके हैं
शिमला। हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी मंत्री मनोहर लाल खट्टर और कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात की। इन दोनों मुलाकातों में हिमाचल के विकास से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ कांग्रेस संगठन और प्रदेश के राजनीतिक हालात पर भी चर्चा हुई।
विक्रमादित्य सिंह ने दोपहर बाद केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर प्रदेश की विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए वित्तीय और तकनीकी सहयोग का आग्रह किया। उन्होंने अर्बन चैलेंज फंड के तहत भेजी गई करीब 1,200 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को जल्द वित्तीय मंजूरी देने का अनुरोध किया।
इसके अलावा उन्होंने अमृत योजना के तहत लंबित 64.45 करोड़ रुपये की राशि जारी करने, स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत अधिक शहरी स्थानीय निकायों को शामिल करने और नादौन, मनाली, डलहौजी तथा रामपुर में प्रस्तावित स्ट्रीट फूड हब की DPR पर शीघ्र कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया।
बढ़ते शहरी दबाव के बीच नए शहरों की जरूरत पर जोर
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ बैठक में विक्रमादित्य सिंह ने हिमाचल के शहरों पर लगातार बढ़ रहे शहरी दबाव का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए प्रदेश में नए शहर विकसित करने की आवश्यकता है।
इसके लिए उन्होंने केंद्र से वित्तीय सहायता, तकनीकी सहयोग और नियोजन संबंधी समर्थन देने का आग्रह किया। हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में सीमित शहरी क्षेत्रों पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए नए योजनाबद्ध शहर विकसित करने की जरूरत पर जोर दिया गया।
बैठक में चंडीगढ़ और पंचकूला की सीमा से सटे क्षेत्र में प्रस्तावित नए शहर का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। विक्रमादित्य सिंह ने इस क्षेत्र में साझा आधारभूत ढांचा विकसित करने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने केंद्र के समक्ष इस क्षेत्र के विकास को लेकर बेहतर योजना और आवश्यक तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने की बात रखी। प्रस्तावित नए शहर को लेकर बुनियादी सुविधाओं के विकास में विभिन्न स्तरों पर समन्वय की जरूरत पर भी चर्चा हुई।
अर्बन चैलेंज फंड की 1,200 करोड़ की परियोजनाओं पर जल्द मंजूरी की मांग
विक्रमादित्य सिंह ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि अर्बन चैलेंज फंड के तहत हिमाचल की करीब 1,200 करोड़ रुपये की परियोजनाएं वित्तीय स्वीकृति के लिए भेजी गई हैं। उन्होंने इन परियोजनाओं को जल्द मंजूरी देने का आग्रह किया, ताकि राज्य में शहरी विकास से जुड़े काम आगे बढ़ाए जा सकें।
इसके साथ ही उन्होंने अमृत योजना के तहत लंबित 64.45 करोड़ रुपये की राशि जारी करने की मांग भी रखी। उनका कहना था कि लंबित राशि के कारण राज्य में चल रही परियोजनाओं की गति प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
केंद्र से वित्तीय सहयोग मिलने पर प्रदेश में शहरी आधारभूत ढांचे से जुड़े कई कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इसी उद्देश्य से विक्रमादित्य सिंह ने केंद्रीय मंत्री के सामने विभिन्न प्रस्तावों की स्थिति और जरूरतों को रखा।
स्वच्छ भारत मिशन 2.0 में बाकी 45 निकायों को शामिल करने की मांग
बैठक में स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के यूज्ड वाटर मैनेजमेंट कंपोनेंट का मुद्दा भी उठाया गया। विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि प्रदेश के कुल 76 शहरी स्थानीय निकायों में से केवल 31 निकायों को इस योजना के तहत शामिल किया गया है।
उन्होंने शेष शहरी स्थानीय निकायों की परियोजनाओं को भी योजना में मंजूरी देने का अनुरोध किया। यूज्ड वाटर मैनेजमेंट को शहरी क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने सभी पात्र निकायों को इसके दायरे में लाने की मांग की।
इससे हिमाचल के अधिक शहरी क्षेत्रों में जल प्रबंधन और संबंधित आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
नादौन, मनाली, डलहौजी और रामपुर के स्ट्रीट फूड हब का मुद्दा
विक्रमादित्य सिंह ने बैठक में स्ट्रीट फूड हब की प्रस्तावित परियोजनाओं का मामला भी उठाया। उन्होंने नादौन, मनाली, डलहौजी और रामपुर में प्रस्तावित स्ट्रीट फूड हब की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) पर जल्द कार्रवाई करने का आग्रह किया।
इन परियोजनाओं के माध्यम से स्थानीय स्तर पर व्यवस्थित स्ट्रीट फूड क्षेत्र विकसित करने और शहरी सुविधाओं को बेहतर बनाने की योजना है। मंत्री ने केंद्रीय स्तर पर इन प्रस्तावों की प्रक्रिया को गति देने का आग्रह किया।
खट्टर ने प्रस्तावों पर सकारात्मक रुख का दिया भरोसा
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने हिमाचल सरकार की ओर से रखे गए प्रस्तावों पर सकारात्मक दृष्टिकोण से विचार करने का भरोसा दिया। उन्होंने राज्य सरकार से संबंधित परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) उपलब्ध कराने को कहा।
केंद्रीय मंत्री के आश्वासन के बाद अब इन परियोजनाओं की स्वीकृति और आगे की प्रक्रिया पर नजर रहेगी। खासकर 1,200 करोड़ रुपये की परियोजनाओं और अमृत योजना की लंबित राशि को लेकर राज्य सरकार को केंद्र से सहयोग की उम्मीद है।
वेणुगोपाल से संगठन और हिमाचल के राजनीतिक हालात पर चर्चा
केंद्रीय मंत्री से मुलाकात के अलावा विक्रमादित्य सिंह ने कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से भी मुलाकात की। इस दौरान हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस संगठन और सरकार की योजनाओं के साथ-साथ प्रदेश के राजनीतिक हालात पर चर्चा हुई।
विक्रमादित्य सिंह ने वेणुगोपाल को हिमाचल प्रदेश आने का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने कांग्रेस महासचिव को पारंपरिक हिमाचली शॉल भेंट कर सम्मानित किया।
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब हिमाचल कांग्रेस में संगठनात्मक गतिविधियों और राजनीतिक समीकरणों को लेकर लगातार चर्चा बनी हुई है। ऐसे में विक्रमादित्य सिंह और वेणुगोपाल की मुलाकात को संगठन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रियंका गांधी से भी हो चुकी है मुलाकात
विक्रमादित्य सिंह ने नई दिल्ली दौरे के दौरान इससे पहले गुरुवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से भी मुलाकात की थी। उस बैठक में हिमाचल प्रदेश से जुड़े विभिन्न राजनीतिक विषयों और संगठन से जुड़े मामलों पर चर्चा हुई थी।
लगातार दो दिनों में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं और केंद्रीय मंत्री से मुलाकात के बाद विक्रमादित्य सिंह का दिल्ली दौरा राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से अहम माना जा रहा है। एक ओर उन्होंने केंद्र के सामने प्रदेश की विकास परियोजनाओं और वित्तीय जरूरतों को रखा, वहीं कांग्रेस नेतृत्व के साथ संगठन और हिमाचल की राजनीति पर चर्चा की।
अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि केंद्र सरकार की ओर से हिमाचल की 1,200 करोड़ रुपये की प्रस्तावित परियोजनाओं, अमृत योजना की लंबित राशि और अन्य शहरी विकास प्रस्तावों पर आगे क्या निर्णय लिया जाता है।



