➤ नीरज चोपड़ा ने पेरिस डायमंड लीग में 88.16 मीटर थ्रो कर भारत को गोल्ड दिलाया
➤ यह प्रदर्शन इस सीजन का उनका सर्वश्रेष्ठ रहा, पहले थ्रो में ही बढ़त बना ली
➤ सीधा प्रसारण न होने पर सोशल मीडिया पर नाराजगी, फैंस बोले- नींद गर्व से खुल गई
इंटरनेट कंटेंट, समाचार फर्स्ट
Neeraj Chopra Paris Diamond League 2025 gold medal throw: भारत के स्वर्ण पुरुष नीरज चोपड़ा ने एक बार फिर अपने भाले से इतिहास रच दिया। पेरिस डायमंड लीग 2025 में उन्होंने 88.16 मीटर की जबरदस्त थ्रो कर प्रतियोगिता का पहला स्थान हासिल किया और भारत के लिए गोल्ड जीत लिया। यह इस सीजन का उनका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी है, जिसने दुनिया भर में भारतीय खेल प्रेमियों का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया।
नीरज ने अपने पहले ही प्रयास में वह कर दिखाया, जो बाकी दावेदार छह थ्रो में नहीं कर सके। उनके थ्रो क्रम में 88.16 मीटर के बाद 85.10, तीन फाउल थ्रो और अंत में 82.89 मीटर की दूरी रही। हालांकि अंतिम थ्रो तक अन्य खिलाड़ियों ने उन्हें टक्कर देने की कोशिश की, लेकिन कोई भी उनके पहले प्रयास को पार नहीं कर सका।
प्रतियोगिता में जर्मनी, चेक गणराज्य, ग्रेनाडा जैसे देशों के प्रमुख जेवलिन थ्रोअर भी शामिल थे, मगर नीरज ने पहली ही थ्रो में लीड बना ली और अंत तक उसे बरकरार रखा। उनकी तकनीक, आत्मविश्वास और एकाग्रता ने एक बार फिर उन्हें जेवलिन स्पर्धा का बादशाह साबित कर दिया।
हालांकि इस उपलब्धि के दौरान एक और विषय चर्चा में रहा – सीधा प्रसारण न होने की वजह से फैंस में नाराजगी दिखी। जब नीरज का थ्रो हो रहा था, भारत में रात का समय था और किसी भी भारतीय चैनल या ओटीटी प्लेटफॉर्म पर इसका लाइव टेलीकास्ट नहीं हुआ। इसके बावजूद जैसे ही लोगों को खबर मिली कि नीरज ने गोल्ड जीत लिया है, सोशल मीडिया पर #NeerajChopra, #GoldenBoy, #ParisDiamondLeague ट्रेंड करने लगे।
एक यूजर ने लिखा, “हम नींद छोड़ बैठे, ब्रॉडकास्टर नींद में डूबे थे।” वहीं दूसरे ने कहा, “His throw pierced the sky and our hearts swelled with pride.” नीरज की यह जीत सिर्फ एक स्पोर्टिंग अचीवमेंट नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक भावनात्मक और प्रेरणादायक क्षण बन गई।
नीरज चोपड़ा का यह प्रदर्शन पेरिस ओलंपिक 2024 के बाद एक बार फिर दिखाता है कि वह सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि विश्व के सर्वश्रेष्ठ एथलीटों में शामिल हैं। उनका अगला लक्ष्य 2025 वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अपना परचम लहराना है। नीरज के कोच और फिजियो टीम ने भी इस प्रदर्शन की सराहना की और कहा कि यह थ्रो टोक्यो ओलंपिक के 87.58 मीटर थ्रो से भी बेहतर था।



