काली मिर्च में प्राकृतिक रुप से डाइजेस्टिव एंजाइम होते है। जिससे यह पाचन तंत्र को मजबूत करने के लिए उपयोगी है। काली मिर्च को मसालों की रानी मानी जाती है। जिससे ना केवल खाने का स्वाद बदलता है बल्कि स्वास्थ्य भी ठीक रहता है। काली मिर्च स्वाद में तीखी और पित्ता पैदा करने वाली होती है। अगर इससे बनी चाय पी जाए तो, आपको मौसमी बीमारियों जैसे, सर्दी, जुखाम, खांसी और बुखार से छुटकारा मिल सकता है। यही नहीं काली मिर्च की चाय पीने से पेट हमेशा ठीक रहता है।
आज हम आपको काली मिर्च से बनने वाली चाय बनाना सिखाएंगे और उसके फायदों के बारे में भी चर्चा करेंगे। लेकिन उससे पहले ये जान लें कि काली मिर्च को दिनभर में कितना खाना चाहिये, जिससे वह नुकसान ना करे। दिन में आप 500 एमजी से ले कर 1 ग्राम तक की काली मिर्च का सेवन कर सकते हैं।
काली मिर्च चाय पीने का फायदा
इसमें एंटीऑक्सीडेंट होता है जो फ्री रैडिकल्स से बचाता है।
सर्दी, खांसी, जुखाम, बुखार और सांस संबंधित बीमारी से आराम दिलाए।
पेट के लिये बढियां, गैस और डायरिया से बचाए।
लीवर में बाइल जूस बनाने का काम तेज करे साथ ही मुंह में लार बनाए जिससे खाना आराम से हजम हो जाता है।
काली मिर्च की चाय बनाने की विधि
सबसे पहले एक कप पानी उबालिये।
उसमें 1/2 चम्मच काली मिर्च पावडर डालिये।
आप चाहें तो इसमें अदरक का रस भी मिक्स कर सकते हैं।
इसे 2-3 मिनट उबालिये।
फिर छान लीजिये।
इसमें शहद मिला कर दिन में दो बार पीजिये।
सावधानी बरतें
वे लोग जिनके शरीर में पित्त हर वक्त बढ़ा रहता है, उन्हें काली मिर्च की चाय का सेवन काफी सोच समझ कर करना चाहिये क्योंकि यह शरीर में पित्ता पैदा करने का काम करती है। जिन लागों को अल्सर, शरीर के अंगों में सूजन, स्किन रैश और पित्त की समस्या होती है, उन्हें यह चाय कम पीनी चाहिये, नहीं तो दोष बढ सकता है।
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