- बजट सत्र के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू दिल्ली पहुंचे
- केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ मीटिंग
- हिमाचल की वित्तीय समस्याओं पर केंद्र से राहत की मांग
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू बजट सत्र के दौरान दोपहर बाद दिल्ली पहुंचे, जहां उनकी केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बैठक हो रही है। इस बैठक में मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश की वित्तीय समस्याओं को केंद्रीय मंत्री के समक्ष रख रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश को मिलने वाली राजस्व घाटा अनुदान (Revenue Deficit Grant) में आगामी वर्ष भारी कमी आने वाली है। 2020-21 में यह राशि 10,000 करोड़ रुपये से अधिक थी, जो अगले वित्तीय वर्ष में घटकर 3,257 करोड़ रुपये रह जाएगी। इसके अलावा, राज्य की ऋण लेने की सीमा को भी केंद्र सरकार ने 5 प्रतिशत से घटाकर 3 प्रतिशत कर दिया है, जिससे हिमाचल को वित्तीय प्रबंधन में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
राज्य को जून 2022 से जीएसटी क्षतिपूर्ति भी नहीं मिल रही है। इसके अलावा, एनपीएस (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली) के बदले मिलने वाला ऋण भी बंद हो चुका है। 2020-21 में हिमाचल को राजस्व घाटा अनुदान, ऋण, जीएसटी क्षतिपूर्ति और एनपीएस से संबंधित ऋण मिलाकर 30,000 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्राप्त होती थी, लेकिन अब यह राशि घटकर 10,000 करोड़ रुपये से भी कम हो गई है।
इस स्थिति में राज्य की वित्तीय समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसी के मद्देनजर मुख्यमंत्री सुक्खू ने केंद्रीय वित्त मंत्री से मुलाकात कर हिमाचल की आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए केंद्र से विशेष वित्तीय सहायता की मांग की है।