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हिंसक प्रदर्शनों और इस्तीफे के बाद कार्की संभालेंगी नेपाल की बागडोर

सुशीला कार्की बनीं नेपाल की पहली महिला अंतरिम प्रधानमंत्री
ओली के इस्तीफे और हिंसक प्रदर्शनों के बाद मिली कमान
भ्रष्टाचार विरोधी छवि से पाई जनता का भरोसा


नेपाल ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक कदम उठाया। पूर्व सुप्रीम कोर्ट चीफ जस्टिस सुशीला कार्की को देश का पहला महिला अंतरिम प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है। 73 वर्षीय कार्की को यह जिम्मेदारी उस समय दी गई है जब नेपाल गहरे राजनीतिक संकट और हिंसक प्रदर्शनों से गुजर रहा है।

पिछले कुछ दिनों में राजधानी काठमांडू और अन्य शहरों में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के बाद भयंकर विरोध-प्रदर्शन हुए। इन प्रदर्शनों में कम से कम 51 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों घायल हुए। जनता का गुस्सा केवल सोशल मीडिया बंदी पर नहीं बल्कि लंबे समय से चले आ रहे भ्रष्टाचार, पक्षपात और प्रशासनिक ढर्रे के खिलाफ भी था।

इस माहौल में केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा दे दिया, जिससे सत्ता का खालीपन पैदा हो गया। ऐसे में राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में सुशीला कार्की को चुना।

सुशीला कार्की की छवि एक कड़े और ईमानदार न्यायाधीश की रही है। 2016 में वे नेपाल की पहली महिला चीफ जस्टिस बनी थीं। अपने कार्यकाल में उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ कई ऐतिहासिक फैसले दिए और न्यायपालिका में पारदर्शिता लाने की कोशिश की।

राष्ट्रपति भवन ने घोषणा की है कि कार्की का मुख्य काम देश को स्थिरता और लोकतांत्रिक व्यवस्था की ओर ले जाना है। उनसे उम्मीद है कि वे विरोध-प्रदर्शनों को शांत कर जनता का भरोसा बहाल करेंगी। शपथ ग्रहण समारोह के बाद कार्की जल्द ही संक्रमणकालीन सरकार का गठन करेंगी।