Himachal Panchayats urban development: हिमाचल प्रदेश के पंचायती राज विभाग ने प्रदेश के पांच जिलों की 33 पंचायतों की ग्राम सभाओं को निरस्त करते हुए इन पंचायतों को शहरी विकास विभाग का हिस्सा बना दिया है। इससे पहले 21 पंचायतों की ग्राम सभाएं निरस्त की जा चुकी थीं। इस प्रकार अब तक कुल 54 पंचायतों की ग्राम सभाएं निरस्त हो चुकी हैं। इन पंचायतों के क्षेत्रों को शहरी निकायों में शामिल कर दिया गया है।
जिन जिलों में हुआ बदलाव
- `ऊना: ऊना नगर परिषद में झलेड़ा, रेंसरी, कोटला खुर्द, कोटला कलां, कोटला कलां अप्पर, अजनोली, लाल सिंगी, मलहात, अरनियाला लोअर, अरनियाला अप्पर और मुच्छाली पंचायत की ग्राम सभाएं निरस्त कर दी गई हैं।
- हमीरपुर: भोरंज नगर पंचायत में भोरंज और टिकरी मनहांसा पंचायतों की ग्राम सभाएं निरस्त की गई हैं।
- मंडी: धर्मपुर पंचायत को नगर पंचायत में परिवर्तित करते हुए इसकी ग्राम सभा को निरस्त कर दिया गया है।
- बिलासपुर: स्वारघाट नगर पंचायत में कुटैहला और मंझेड पंचायत की ग्राम सभाएं, जबकि झंडूता नगर पंचायत में बलघाड, बेहना और झंडूता पंचायत की ग्राम सभाएं निरस्त की गई हैं।
- कांगड़ा:
- ज्वालामुखी नगर परिषद में कडयालू, भाटी बोहन, अंब पठियार और द्रंग पंचायत की ग्राम सभाएं निरस्त हुईं।
- ज्वाली नगर पंचायत में कैहरियां और ढन पंचायत की ग्राम सभाएं निरस्त की गई हैं।
- योल कैंट बोर्ड क्षेत्र के साथ लगती कैंट रक्कड़, बाघणी, तंगरोटी खास और नरवाणा खास पंचायत की ग्राम सभाएं भी निरस्त की गई हैं।
आदेश और प्रभाव
पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, अब इन क्षेत्रों का प्रबंधन शहरी विकास विभाग के तहत किया जाएगा। इस कदम से शहरी निकायों का दायरा बढ़ने के साथ ही विकास कार्यों को तेज़ी मिलेगी।



