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चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति पर रोक से नाराज महासंघ ने की सरकार से मांग

Fourth Class Employees Regularization in Himachal: सुंदरनगर में राज्य स्तरीय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ शिक्षा विभाग हिमाचल प्रदेश के पदाधिकारियों की एक आपात बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अखिल भारतीय दलित पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग परिषद के महासचिव और राज्य प्रवक्ता चमन राही ने की। बैठक में जयराम सरकार के कार्यकाल के दौरान चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति और नियमितिकरण पर लगी रोक को लेकर कड़ा रोष प्रकट किया गया।

चमन राही ने कहा कि वर्तमान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने 5 साल की सेवा पूरी कर चुके 110 कर्मचारियों को पदोन्नति देकर राहत दी है। अब 40 अन्य कर्मचारी, जो इसी श्रेणी में आते हैं, उनकी पदोन्नति वित्तीय वर्ष में शीघ्र की जाए। इनमें से कई कर्मचारी सेवानिवृत्ति के कगार पर हैं।

राही ने बताया कि शिक्षा विभाग में 928 दैनिक वेतन भोगी पद हैं, जिनमें से 710 कर्मचारियों को नियमित किया जा चुका है। 31 मार्च 2024 तक 218 और कर्मचारी अपनी 11 वर्षों की सेवा पूरी कर लेंगे। महासंघ ने मांग की है कि इन कर्मचारियों को भी शीघ्र नियमित किया जाए।

राही ने कहा कि इन कर्मचारियों में अधिकांश लोग आईआरडीपी, विधवा, विकलांग, दलित और कमजोर तबके से आते हैं। इनका वेतन बहुत कम है और परिवार का पालन-पोषण मुश्किल हो रहा है। मुख्यमंत्री के अनाथ और बेसहारा बच्चों के लिए किए गए कार्यों की प्रशंसा करते हुए राही ने आग्रह किया कि इन कर्मचारियों की मांगें भी शीघ्र पूरी की जाएं।

इस बैठक में महासंघ के अन्य पदाधिकारियों ने भी भाग लिया, जिनमें राज्य महासचिव जगदीश चंद, जिला महासचिव नरेश कुमार, प्रदेश वरिष्ठ उपप्रधान शीला देवी, कोषाध्यक्ष गुलट राम, प्रदेश उपाध्यक्ष प्यारे लाल, संगठन सचिव सुरेश व चरणदास, और महिला विंग अध्यक्ष चंपा ठाकुर शामिल थे।