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महाकुंभ में भगदड़: 14 की मौत, 50 घायल, संगम पर बढ़ाई गई सुरक्षा

  • प्रयागराज के संगम तट पर भगदड़ से 14 से अधिक लोगों की मौत, 50 से ज्यादा घायल
  • PM मोदी ने CM योगी से तीन बार बातचीत की, हेलिकॉप्टर से निगरानी शुरू
  • NSG कमांडो तैनात, आम श्रद्धालुओं की एंट्री पर रोक, अखाड़ों ने स्नान का समय बदला

    Mahakumbh 2025 stampede: प्रयागराज के संगम तट पर मंगलवार-बुधवार की रात करीब डेढ़ बजे भगदड़ मचने से 14 से अधिक श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए। स्वरूपरानी अस्पताल में मौजूद रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 14 शव पोस्टमॉर्टम के लिए लाए जा चुके हैं, हालांकि प्रशासन ने अभी तक आधिकारिक रूप से मृतकों या घायलों की संख्या की पुष्टि नहीं की है।

 

घटना के बाद प्रशासन के अनुरोध पर सभी 13 अखाड़ों ने मौनी अमावस्या का अमृत स्नान अस्थायी रूप से रद्द कर दिया था, लेकिन बाद में बैठक के बाद निर्णय लिया कि स्नान 10 बजे के बाद किया जाएगा। PM नरेंद्र मोदी ने CM योगी आदित्यनाथ से तीन बार फोन पर बातचीत कर हालात की जानकारी ली। अब कुंभ क्षेत्र में हेलिकॉप्टर से निगरानी की जा रही है।

दैनिक भास्कर के ग्राउंड रिपोर्टर्स के मुताबिक, संगम नोज पर एक अफवाह के चलते भगदड़ मची। कई महिलाएं नीचे गिर गईं और भीड़ उन्हें कुचलते हुए आगे बढ़ गई। हादसे के तुरंत बाद प्रशासन ने तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, जिसमें 70 से ज्यादा एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

सुरक्षा के मद्देनजर संगम तट पर NSG कमांडो तैनात कर दिए गए हैं और आम श्रद्धालुओं की एंट्री बंद कर दी गई है। साथ ही, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रयागराज शहर में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। इसके लिए शहर की सीमाओं से जुड़े जिलों में भी प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

मौनी अमावस्या के स्नान के लिए महाकुंभ में पहले से ही करीब 5 करोड़ श्रद्धालु प्रयागराज में मौजूद हैं। प्रशासन के अनुसार, संगम समेत 44 घाटों पर आज देर रात तक 8 से 10 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान करने की संभावना है।

मंगलवार को भी लगभग साढ़े 5 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में पवित्र डुबकी लगाई थी। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पूरे शहर में 60 हजार से अधिक जवान तैनात किए गए हैं।

सुनिए क्‍या कह रहे आईजी