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महा नवमी और राम नवमी एक साथ: सिद्धिदात्री की कृपा और श्रीराम का जन्मोत्सव


● आज महा नवमी व राम नवमी का शुभ संयोग, मां सिद्धिदात्री की पूजा व प्रभु राम जन्मोत्सव
● राम नवमी का शुभ मुहूर्त 11:08 एएम से 01:39 पीएम, रवि पुष्य योग व सर्वार्थ सिद्धि योग
● कन्या पूजन, रामायण पाठ और सूर्य को अर्घ्य देने से मिलेगा विशेष पुण्य



आज चैत्र नवरात्रि का नवां दिन है, जिसे महा नवमी कहा जाता है और साथ ही राम नवमी का पावन पर्व भी है। इस विशेष दिन का धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्व है, क्योंकि एक ओर माता दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा होती है, वहीं दूसरी ओर भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव भी बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है।

आज चैत्र शुक्ल नवमी तिथि है। नक्षत्र पुष्य, योग सुकर्मा और रवि पुष्य जैसे शुभ योग बन रहे हैं। चंद्रमा कर्क राशि में है और रविवार होने से सूर्योपासना का विशेष महत्व है। इस दिन मां सिद्धिदात्री की उपासना करने से सभी प्रकार की सिद्धियों की प्राप्ति होती है और व्यक्ति रोग, दोष एवं बंधनों से मुक्त होकर मोक्ष की ओर अग्रसर होता है। माता को हलवा, पूड़ी, चना और खीर का भोग लगाकर कन्या पूजन व हवन किया जाता है, जिससे सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है।

साथ ही, आज प्रभु श्रीराम का जन्मोत्सव भी मनाया जा रहा है। अयोध्या नगरी को दुल्हन की तरह सजाया गया है और भव्य आयोजन के तहत रामचरितमानस व रामायण पाठ हो रहे हैं। राम नवमी का शुभ मुहूर्त 11:08 एएम से 01:39 पीएम तक है, जिसमें भगवान श्रीराम की पूजा, स्तुति, आरती और भोग लगाया जाता है। खीर, मालपुआ, इमरती, रसगुल्ला आदि का भोग अर्पित कर भगवान से जीवन में सफलता की कामना की जाती है।

रवि पुष्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और अभिजीत मुहूर्त जैसे विशिष्ट काल इस दिन को अत्यंत शुभ बनाते हैं। आज सूर्य देव को अर्घ्य देना, तांबे, लाल चंदन, लाल वस्त्र, लाल फल व फूल का दान करना विशेष फलदायक रहेगा। पिता की सेवा करने से भी सूर्य मजबूत होता है।

आज के दिन कन्या पूजन के साथ-साथ सूर्य, चंद्र, राम और देवी सिद्धिदात्री सभी का आशीर्वाद प्राप्त करने का सर्वोत्तम अवसर है।