-
आज से आषाढ़ माह का आरंभ, भगवान विष्णु और बृहस्पति की विशेष पूजा का दिन
-
मूल नक्षत्र, शुभ योग और धनु राशि में चंद्रमा, दिन शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ
-
गुरुवार व्रत, विष्णु सहस्रनाम, केला पूजन और गुरु दोष निवारण हेतु उत्तम अवसर
12 जून 2025 से आषाढ़ मास का शुभारंभ हुआ है, जो धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस महीने में भगवान विष्णु, माता गौरी और सूर्य देव की आराधना की जाती है। गुरुवार के दिन, विशेषकर जब वह आषाढ़ मास के पहले दिन पड़े, यह समय अति पुण्यदायी माना गया है।
आज का दिन गुरुवार का है, और इसमें भगवान विष्णु एवं देवगुरु बृहस्पति की पूजा अत्यंत फलदायक मानी जाती है। पंचामृत से स्नान, फिर अक्षत, हल्दी, तुलसी पत्ता, फल, दीप, नैवेद्य, और गुड़-चना दाल से पूजा की जाती है। केले के पौधे की पूजा, जिसमें श्रीहरि का वास माना जाता है, भी अनिवार्य बताई गई है।
विवाहित जीवन में यदि कोई संकट या क्लेश है, तो पति-पत्नी को मिलकर गुरुवार व्रत करना चाहिए। इससे लक्ष्मी कृपा, संपत्ति वृद्धि, और वैवाहिक जीवन में सामंजस्य आता है। कुंडली में बृहस्पति ग्रह के दोष को शमन करने के लिए पुखराज रत्न धारण, और पीले वस्त्र, हल्दी, पीले चावल, पीला चंदन व केले का दान लाभकारी होता है।
🌙 आज का पंचांग विवरण:
-
तिथि: कृष्ण पक्ष प्रतिपदा – 02:27 PM तक, फिर द्वितीया
-
नक्षत्र: मूल – 09:57 PM तक, फिर पूर्वाषाढ़ा
-
करण: कौलव – 02:27 PM तक, फिर तैतिल – 02:56 AM (13 जून)
-
योग: शुभ – 02:05 PM तक, फिर शुक्ल
-
पक्ष: कृष्ण
-
चंद्रमा की राशि: धनु
-
दिशा शूल: दक्षिण दिशा
🌅 सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, चंद्रास्त:
-
सूर्योदय: 05:23 AM
-
सूर्यास्त: 07:19 PM
-
चंद्रोदय: 08:35 PM
-
चंद्रास्त: 05:46 AM (13 जून)
⏳ आज के शुभ मुहूर्त:
-
ब्रह्म मुहूर्त: 04:02 AM – 04:42 AM
-
अभिजीत मुहूर्त: 11:53 AM – 12:49 PM
-
विजय मुहूर्त: 02:41 PM – 03:36 PM
-
निशिता: 12:01 AM – 12:41 AM (13 जून)
🧿 दिन के चौघड़िया मुहूर्त (शुभ-अशुभ):
प्रातः काल:
-
शुभ: 05:23 AM – 07:07 AM
-
चर: 10:36 AM – 12:21 PM
-
लाभ: 12:21 PM – 02:06 PM
-
अमृत: 02:06 PM – 03:50 PM
-
शुभ: 05:35 PM – 07:19 PM
रात्रि काल:
-
अमृत: 07:19 PM – 08:35 PM
-
चर: 08:35 PM – 09:50 PM
-
लाभ: 12:21 AM – 01:36 AM (13 जून)
-
शुभ: 02:52 AM – 04:07 AM (13 जून)
-
अमृत: 04:07 AM – 05:23 AM (13 जून)
❌ आज के अशुभ समय (दोष काल):
-
राहुकाल: 02:06 PM – 03:50 PM
-
यमगंड: 05:23 AM – 07:07 AM
-
गुलिक काल: 08:52 AM – 10:36 AM
-
दुर्मुहूर्त: 10:02 AM – 10:57 AM, 03:36 PM – 04:32 PM
🌿 विशेष व्रत एवं पूजा विधि:
-
भगवान विष्णु को पंचामृत से स्नान कराएं।
-
गुड़ और चने की दाल का भोग लगाएं।
-
देवगुरु बृहस्पति की पूजा के साथ केले के पौधे की आराधना करें।
-
व्रत कथा सुनें, विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें और आरती करें।
-
पारण से पहले पीले वस्त्र, चंदन, चावल, हल्दी का दान करें।



