➤हिमाचल में 11 जगह बादल फटा, 4 के शव बरामद
➤16 लोग लापता, 500 करोड़ का नुकसान
➤निर्माणाधीन टनल गिरने से बड़ा खतरा टला
हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान कुदरत ने भयानक कहर बरपाया। मंडी और किन्नौर जिलों में 11 अलग-अलग जगह बादल फटने की घटनाएं हुईं, जिनमें अब तक 4 लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। 4 घायल और 16 लोग लापता बताए जा रहे हैं। अकेले मंडी जिले में करसोग, गोहर और धर्मपुर में सबसे ज्यादा तबाही हुई। गोहर के स्यांज गांव में दो घरों समेत 9 लोग फ्लैश फ्लड में बह गए।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले 15 घंटों में 287 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। इस दौरान 4 लोगों की मौत, 4 लोग घायल और 16 लोग लापता हैं। तेज बहाव में 10 घर और 12 गौशालाएं पूरी तरह बह गईं। इसके अलावा 26 मवेशी भी बह जाने की सूचना है।
बारिश से एक नेशनल हाईवे और 500 से ज्यादा संपर्क मार्ग पूरी तरह बंद हो चुके हैं। प्रशासन द्वारा एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात कर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं।
डीसी राणा, निदेशक आपदा प्रबंधन, ने बताया कि स्थिति लगातार मॉनिटर की जा रही है। लापता लोगों की तलाश के लिए सभी जरूरी संसाधन लगाए गए हैं।
मंडी, हमीरपुर, कांगड़ा और शिमला जिलों में स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। जगह-जगह भूस्खलन, पेड़ गिरने और बिजली व्यवस्था ठप होने की वजह से आम लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदियों-नालों से दूर रहें, बिना जरूरत यात्रा से बचें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन पर संपर्क करें। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं।

मंडी के करसोग बाजार, धर्मपुर के स्याठी गांव, गोहर, कुकलाह और स्यांज क्षेत्र में व्यापक नुकसान हुआ है। मंडी में 15 से ज्यादा गाड़ियां तेज बहाव में बह गईं। बारिश से मंडी शहर की कोडी खड्ड रातभर उफान पर रही और घरों में पानी घुस गया।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि अभी तक के आकलन में 500 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है। मंडी, कांगड़ा और हमीरपुर में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं।
प्रदेश भर में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। मंडी जिले में पांगलयूर गांव में लापता लोगों की तलाश जारी है। भारी बारिश से कई जगह सड़कें बंद, भूस्खलन और नदी-नालों में उफान से हालात चिंताजनक बने हुए हैं।

चंडीगढ़-मनाली फोरलेन बंद होने से सैकड़ों वाहन टनल के भीतर फंसे रहे। धर्मपुर के कांडा पतन पुल बह गया, जिससे आवाजाही ठप है।
मंडी जिले के स्यांज गांव में बह गए लोगों में पदम सिंह (75), देवकू देवी (70), झाबे राम (50), पार्वती देवी (47), सुरमि देवी (70), इंद्र देव (29), उमा वती (27), कनिका (9) और गौतम (7) शामिल हैं।
शिमला, हमीरपुर, कुल्लू और चंबा में भी कई जगह भूस्खलन, पेड़ गिरने और फ्लैश फ्लड की घटनाएं हुई हैं। प्रशासन ने लोगों से नदियों और पहाड़ी क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिन भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

हिमाचल प्रदेश में मूसलधार बारिश और बादल फटने ने कहर बरपाया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को ब्यास नदी में बढ़ते जलस्तर का निरीक्षण किया। उन्होंने कांगड़ा जिले के भड़ोली में पुल और आसपास के क्षेत्रों का दौरा कर अधिकारियों से ताजा हालात की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि करसोग, धर्मपुर, मंडी सदर, नाचन और सराज क्षेत्रों में जानमाल की हानि के समाचार अत्यंत दुखद और चिंताजनक हैं। उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना जताई और भरोसा दिलाया कि सरकार पूरी संवेदनशीलता से हरसंभव मदद करेगी।

मंडी जिले के गोहर, करसोग और धर्मपुर में तीन जगह बादल फटने से अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है और 16 लोग लापता हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। 117 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। भारी बारिश से 18 घर और 12 गोशालाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं, जबकि 30 मवेशियों की मौत की खबर है। मंडी जिले में गोहर उपमंडल के स्यांज नाले में एक घर बह गया, जहां से मां-बेटी को बचा लिया गया, लेकिन परिवार के सात लोग लापता हैं।

सराज के बाड़ा और तलवाड़ा गांवों से भी लापता लोगों की सूचना है। डीसी मंडी अपूर्व देवगन मौके पर हालात का जायजा ले रहे हैं। बीती रात संधोल में 223.6 मिमी, मंडी में 216.8 मिमी और करसोग में 160.2 मिमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग ने अगले सात दिन लगातार बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। 1, 2, 3, 6 और 7 जुलाई को हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि 4 और 5 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी है। हमीरपुर, ऊना, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि प्रशासन के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें और अनावश्यक यात्रा से बचें।



