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हिमाचल निर्माता डॉ परमार की जयंती पर विधानसभा में श्रद्धांजलि कार्यक्रम

➤ यशवंत सिंह परमार की 119वीं जयंती पर विधानसभा में श्रद्धांजलि कार्यक्रम
➤ सीएम और विधानसभा अध्यक्ष की गैरहाजिरी पर नेता विपक्ष ने उठाए सवाल
➤ हिमाचल निर्माता परमार के परिवार से कोई नहीं पहुंचा समारोह में



हिमाचल प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री और प्रदेश निर्माता डॉ यशवंत सिंह परमार की 119वीं जयंती के अवसर पर हिमाचल प्रदेश विधानसभा पुस्तकालय में पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि विधानसभा उपाध्यक्ष विनय कुमार और नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने विशेष रूप से समारोह में भाग लिया। सभी नेताओं ने डॉ परमार की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी

हालांकि कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण कमी देखी गई कि डॉ यशवंत सिंह परमार के परिवार से कोई भी सदस्य इस अवसर पर उपस्थित नहीं रहा, जबकि पहले हर आयोजन में उनकी उपस्थिति दर्ज रहती थी। यह पहलू सभी की नजर में रहा और इस पर भी कई सवाल उठे।

नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार पर इस आयोजन को हल्के में लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष को इस आयोजन में उपस्थित रहना चाहिए था, क्योंकि यह हिमाचल के निर्माता का स्मरण करने का महत्वपूर्ण अवसर है। जयराम ठाकुर ने तंज कसते हुए कहा कि “बैठकें आगे-पीछे की जा सकती थीं लेकिन परमार जी की जयंती एक बार ही आती है।”

इस मौके पर पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने भी डॉ परमार के योगदान को याद करते हुए कहा कि यदि परमार न होते तो आज हिमाचल प्रदेश के लोगों को कामकाज के लिए पंजाब जाना पड़ता। उन्होंने कहा कि डॉ परमार ने 30 छोटी-बड़ी रियासतों को जोड़कर प्रदेश की नींव रखी, और वर्तमान सरकार भी उनके विजन को आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति के सवाल पर मंत्री ने कहा कि मौसम खराबी के चलते मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू कार्यक्रम में नहीं आ सके

यह आयोजन जहां हिमाचल निर्माता को श्रद्धांजलि अर्पित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर था, वहीं मुख्य पदाधिकारियों और परमार परिवार की अनुपस्थिति ने आयोजन की गरिमा पर सवालिया निशान भी लगाए।