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निगरानी: हिमाचल में आपदाग्रस्त क्षेत्रों का दौरा करने पीएम मोदी ने भेजे सात केंद्रीय मंत्री

हिमाचल के आपदाग्रस्त जिलों का दौरा करेंगे सात केंद्रीय मंत्री
प्रभावितों से मिलकर समस्याएं सुन रहे हैं मंत्री
केंद्र सरकार ने 1500 करोड़ की सहायता राशि स्वीकृत की


हिमाचल प्रदेश में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदाओं के बाद अब केंद्र सरकार ने प्रभावित जिलों का विस्तृत आकलन करने की जिम्मेदारी अपने सात केंद्रीय मंत्रियों को सौंपी है। ये मंत्री चंबा, मंडी और कुल्लू जिलों का दौरा करेंगे और प्रभावितों से मिलकर जमीनी हालात का जायजा लेंगे। इसके बाद दिल्ली लौटकर अपनी रिपोर्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपेंगे।

शुक्रवार को केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर मनाली पहुंचीं और उन्होंने सेउबाग पुल, बंदरोल, रायसन, डोहलूनाला, पतलीकूहल से लेकर 17 मील तक ब्यास नदी से हुई तबाही का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित परिवारों, खासकर महिलाओं से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इसी दौरान उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सड़क बहाली के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।

इसी क्रम में केंद्रीय पोर्ट्स, शिपिंग एवं जलमार्ग राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर भी शुक्रवार को बंजार विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे। उन्होंने तीर्थन घाटी सहित कई प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और लोगों से सीधे संवाद स्थापित किया। शनिवार को वह सैंज घाटी में भी आपदा प्रभावितों से मिलेंगे।

भाजपा प्रदेश महामंत्री पायल वैद्य ने बताया कि 14-15 सितंबर को केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा सराज, मंडी और कुल्लू का दौरा करेंगे। वहीं केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गा दास उइके 13-14 सितंबर को भटियात और भरमौर का दौरा करेंगे। इसके अलावा केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. सुकांता मजूमदार, जितिन प्रसाद और जाधव राव गणपत राव भी जल्द हिमाचल पहुंचेंगे।

भाजपा ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए 1500 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि स्वीकृत की है। इस धनराशि से न केवल पुनर्वास कार्य किए जाएंगे, बल्कि राहत और पुनर्निर्माण कार्यों में भी तेजी आएगी।

इस दौरान कई प्रभावित परिवारों ने मंत्रियों से मिलकर अपना दुखड़ा सुनाया और तत्काल राहत पहुंचाने की मांग उठाई। मंत्रियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार हर संभव मदद करेगी और प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास कार्य जल्द ही धरातल पर उतारे जाएंगे।