➤ मंडी देव समाज ने प्राकृतिक आपदाओं को देव स्थलों की मर्यादा भंग होने से जोड़ा
➤ देव स्थलों तक 3 किलोमीटर दूर तक ही सड़क निर्माण का प्रस्ताव पारित
➤ पवित्र स्थानों पर शराब और नशीले पदार्थों पर रोक लगाने की मांग
हिमाचल प्रदेश की छोटी काशी मंडी में देव समाज के लोगों ने प्राकृतिक आपदाओं को लेकर गहरी चिंता जाहिर की। शनिवार को देव सदन मंडी में आयोजित सर्व देवता सेवा समिति की बैठक में यह मुद्दा प्रमुख रूप से उठा। बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया कि देव स्थलों को पिकनिक स्पॉट बनने से रोकने के लिए शराब और नशीले पदार्थों का सेवन पूरी तरह बंद किया जाए।
समिति ने यह भी निर्णय लिया कि किसी भी देव स्थल तक सीधी सड़क नहीं बनाई जाएगी। सड़कें केवल तीन किलोमीटर दूर तक ही बनाई जाएंगी, ताकि वहां तक आम लोगों की अनियंत्रित आवाजाही न हो और पवित्र स्थानों की मर्यादा बनी रहे। साथ ही देव स्थलों के आसपास विश्राम गृहों का निर्माण भी न करने की सिफारिश की गई।
सर्व देवता सेवा समिति के अध्यक्ष शिवपाल शर्मा ने बैठक में कहा कि सड़कें बनने के बाद पर्यटक आसानी से देव स्थलों तक पहुंच रहे हैं और उन्हें पिकनिक स्पॉट में बदल रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कमरूनाग, पराशर और रिवालसर जैसे पवित्र स्थलों पर शराब और बीयर की बोतलें मिलने लगी हैं, जो गहरी चिंता का विषय है।
शिवपाल शर्मा ने साफ कहा कि लोग देव परंपराओं और मर्यादा को भूल रहे हैं, यही प्राकृतिक त्रासदियों का कारण भी हो सकता है। उन्होंने देवी-देवताओं के कारदारों और समितियों को चेतावनी दी कि अगर कोई सदस्य देव परंपराओं का उल्लंघन करता है, तो उसे तुरंत बर्खास्त किया जाए। उन्होंने शिकारी जोगनी, तुंगेश्वरी, देवी फूंगनी और नौनी जोगनी जैसे स्थलों का जिक्र करते हुए कहा कि इन स्थानों पर केवल देव कार्य के लिए जाना चाहिए, लेकिन सड़कें बनने से लोग यहां पिकनिक मनाने पहुंच रहे हैं।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि इस साल प्रदेश में सबसे अधिक नुकसान मंडी जिला में हुआ है। सराज विधानसभा में एक ही रात में 13 जगह बादल फटे, जबकि नाचन, करसोग, बल्ह, धर्मपुर, मंडी सदर और जोगिंद्रनगर में भी भारी तबाही मची। देव समाज ने कहा कि यह समय प्राकृतिक और सांस्कृतिक दोनों मर्यादाओं को संभालने का है।
बैठक में देव समाज से जुड़े तीर्थ राज, राजू राम, मोहन लाल, सुरेंद्र भगोरिया, हेमराज, भीमदेव, हुक्म चंद, रेवती राम, मनोज कुमार, अमर सिंह, गिरधारी, इंद्र सिंह, कश्मीर सिंह, झाबे राम सहित कई लोग मौजूद रहे।



