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हिमाचल में अगले 96 घंटे बारिश-बर्फबारी, शीतलहर का अलर्ट

➤ अगले 96 घंटे हिमाचल के कई इलाकों में बारिश और ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार
➤ 31 दिसंबर से 2 जनवरी तक 72 घंटे शीतलहर का अलर्ट, कई जिलों में यलो अलर्ट
➤ पर्यटकों के लिए एडवाइजरी, सड़कों और बिजली-पानी आपूर्ति पर असर की चेतावनी



हिमाचल प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। अगले 96 घंटों के दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश और ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी का पूर्वानुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार इस दौरान तापमान में तेज गिरावट दर्ज की जा सकती है।

ऊंची चोटियों पर बर्फबारी की संभावना
मौसम विभाग के मुताबिक चंबा, लाहौल-स्पीति, किन्नौर, शिमला, कांगड़ा और कुल्लू की अधिक ऊंचाई वाली चोटियों पर बर्फबारी हो सकती है। इससे प्रदेश में ठंड और बढ़ेगी।

31 दिसंबर से नए साल की शुरुआत बर्फ के साथ
31 दिसंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और ऊंचे क्षेत्रों में अच्छी बर्फबारी के आसार हैं। खासकर लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चंबा, कुल्लू, शिमला और मंडी के ऊपरी इलाकों में मौसम ज्यादा खराब रह सकता है।

1 और 2 जनवरी को भी मौसम रहेगा खराब
एक और दो जनवरी को भी बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। लगातार खराब मौसम के चलते सड़कें बंद होने, यातायात प्रभावित होने और बिजली-पानी आपूर्ति बाधित होने की आशंका जताई गई है।

72 घंटे शीतलहर की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र ने 31 दिसंबर से 2 जनवरी तक शीतलहर को लेकर चेतावनी जारी की है।

  • 31 दिसंबर: चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला में यलो अलर्ट

  • 1 जनवरी: ऊना, बिलासपुर और हमीरपुर में भी शीतलहर की संभावना

  • 2 जनवरी: मंडी, सोलन, सिरमौर, ऊना, बिलासपुर और हमीरपुर में कोल्ड वेव

तापमान में आएगी तेज गिरावट
बारिश और बर्फबारी के चलते न्यूनतम और अधिकतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज हो सकती है। ठंड बढ़ने से बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

पर्यटकों के लिए एडवाइजरी जारी
नए साल के जश्न के लिए हिमाचल पहुंचे पर्यटकों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले मौसम और सड़क स्थिति की जानकारी जरूर लें। ऊंचाई वाले क्षेत्रों की ओर बिना तैयारी और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों के यात्रा न करने की सलाह दी गई है।

किसान-बागवानों के लिए राहत
यह बारिश और बर्फबारी किसानों और बागवानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है, क्योंकि प्रदेश लंबे समय से चले आ रहे ड्राइ स्पेल से जूझ रहा है।