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हिमाचल बोर्ड का बड़ा फैसला: 3 मार्च से परीक्षा, पैटर्न बदला; सीसीटीवी निगरानी में होंगे एग्जाम


➤ 10वीं, 12वीं और HPSOS की परीक्षाएं 3 मार्च से एक साथ शुरू
➤ प्रश्नपत्र की A, B, C सीरीज में अब प्रश्न समान, केवल क्रम अलग
➤ 20% MCQ, 20–28 फरवरी प्रैक्टिकल, 30 अप्रैल तक परिणाम लक्ष्य



धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने वार्षिक परीक्षा-2026 को लेकर बड़े बदलावों की घोषणा की है। बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि 10वीं, 12वीं और राज्य मुक्त विद्यालय (HPSOS) की परीक्षाएं 3 मार्च से एक साथ शुरू होंगी। इस बार परीक्षा पैटर्न में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं, जिनका उद्देश्य छात्रों को अधिक निष्पक्ष और प्रतिस्पर्धी माहौल देना है।

अब प्रश्नपत्रों की A, B और C सीरीज में प्रश्न समान होंगे, केवल उनका क्रम बदला जाएगा। पहले अलग-अलग सीरीज में कठिनाई स्तर को लेकर उठती शिकायतों को देखते हुए यह बदलाव किया गया है, जिससे मूल्यांकन की निष्पक्षता और मेरिट सूची की विश्वसनीयता बढ़ेगी।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप प्रश्नपत्रों को आधुनिक स्वरूप दिया गया है। इस बार कुल अंकों का 20 प्रतिशत हिस्सा MCQ होगा, ताकि विद्यार्थी JEE-NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के पैटर्न से परिचित हो सकें। बोर्ड वेबसाइट पर मॉडल प्रश्नपत्र और क्वेश्चन बैंक भी उपलब्ध कराए गए हैं।

परीक्षा परिणाम को रिकॉर्ड समय में घोषित करने की योजना है। कॉपियों की जांच के लिए विशेष मूल्यांकन केंद्र बनाए जाएंगे और लक्ष्य है कि 30 अप्रैल 2026 तक परिणाम जारी कर दिए जाएं, जिससे कॉलेज प्रवेश और काउंसलिंग में देरी न हो।

परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से धर्मशाला मुख्यालय से सीधी निगरानी होगी। संवेदनशील केंद्रों पर फ्लाइंग स्क्वाड तैनात किए जाएंगे। किसी भी तरह की नकल या अव्यवस्था मिलने पर परीक्षा रद्द करने और संबंधित स्टाफ पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

मुख्य परीक्षा से पहले 20 से 28 फरवरी के बीच प्रैक्टिकल परीक्षाएं होंगी। रोल नंबर और प्रवेश पत्र जल्द ऑनलाइन उपलब्ध होंगे। विद्यार्थियों को परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य रहेगा।