➤ 2013-14 के मुकाबले 2026-27 में पूंजीगत व्यय कई गुना बढ़ने का दावा
➤ हिमाचल को रेल, सड़क, स्वास्थ्य और हवाई सेवाओं में रिकॉर्ड केंद्रीय सहयोग बताया
➤ 90:10 फंडिंग वाली योजनाओं से प्रदेश को बड़ा लाभ मिलने की बात
शिमला। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रेस वार्ता में कहा कि 2013-14 और 2026-27 के केंद्रीय बजट की तुलना से स्पष्ट है कि देश का बजट मॉडल सब्सिडी आधारित ढांचे से निवेश आधारित ढांचे में परिवर्तित हुआ है। उनके अनुसार, यह बदलाव इंफ्रास्ट्रक्चर, पूंजीगत निवेश और आत्मनिर्भर भारत पर केंद्रित है।
उन्होंने बताया कि कुल CAPEX वर्ष 2013-14 में लगभग ₹1.98 लाख करोड़ था, जो 2026-27 में बढ़कर ₹12.2 लाख करोड़ हो गया—यानी 516% से अधिक वृद्धि। रक्षा, कृषि, शिक्षा, रेलवे और स्वास्थ्य बजट में भी कई गुना बढ़ोतरी का उल्लेख किया गया। रेलवे CAPEX ₹63 हजार करोड़ से बढ़कर ₹2.93 लाख करोड़ और स्वास्थ्य बजट ₹37 हजार करोड़ से बढ़कर करीब ₹92 हजार करोड़ बताया गया।
सड़क और राष्ट्रीय राजमार्ग क्षेत्र में निवेश ₹35 हजार करोड़ से बढ़कर ₹2.7 लाख करोड़ से अधिक होने का दावा किया गया। नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 76 गीगावॉट से 254 गीगावॉट और निर्यात 310 बिलियन डॉलर से 825 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की बात कही गई। महिला श्रम भागीदारी दर और बहुआयामी गरीबी में कमी के आंकड़े भी प्रस्तुत किए गए।
स्वास्थ्य क्षेत्र में आयुष्मान भारत, AIIMS की संख्या 7 से बढ़कर 23 होने और AIIMS बिलासपुर को हिमाचल के लिए बड़ी उपलब्धि बताया गया।
जयराम ठाकुर ने कहा कि 2026-27 में कर हस्तांतरण के तहत हिमाचल के लिए ₹13,949 करोड़ और अनुदान सहायता में ₹10,243 करोड़ का प्रावधान है। SASCI के तहत 2020-21 से 2025-26 के बीच ₹8,309 करोड़ का ब्याज-मुक्त ऋण मिलने की बात कही।
उड़ान योजना के अंतर्गत 4 हवाई अड्डों/हेलीपोर्ट संचालन, 22 नए हवाई मार्ग, मंडी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को साइट क्लीयरेंस, 2,600 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग कार्य, और भारतमाला के तहत ₹9,964 करोड़ के कॉरिडोर स्वीकृत होने का जिक्र किया गया। अटल टनल को केंद्र की प्रतिबद्धता का उदाहरण बताया गया।
पर्यटन के लिए स्वदेश दर्शन में ₹68 करोड़ से अधिक, स्वास्थ्य ढांचे के लिए ESIC काला अंब, ड्रोन स्वास्थ्य सेवाएं, नालागढ़ PLI मेडिकल परियोजना, तथा चंबा, हमीरपुर, नाहन में मेडिकल कॉलेज स्वीकृति का उल्लेख किया गया।
उन्होंने कहा कि केंद्र की 90:10 फंडिंग वाली लगभग 200 योजनाओं से हिमाचल को लाभ मिल रहा है। मनरेगा, जल जीवन मिशन, आवास योजना और ग्रामीण विकास योजनाओं के बड़े प्रावधानों का भी हवाला दिया गया।
जयराम ठाकुर ने निष्कर्ष में कहा कि ये आंकड़े दर्शाते हैं कि बजट विकास और निवेश पर आधारित है, जबकि विपक्ष भ्रम फैलाने में लगा है।



