➤ हिमाचल में बड़े स्तर पर पुलिस फेरबदल, 12 IPS और 1 HPS अधिकारी बदले
➤ गौरव सिंह बने शिमला के नए एसपी, सचिन हिरेमथ ऊना और वर्मा सोलन भेजे गए
➤ साइबर, विजिलेंस, जेल, ट्रेनिंग और कम्युनिकेशन विंग में भी अहम नियुक्तियां
हिमाचल सरकार ने गुरुवार देर शाम पुलिस महकमे में व्यापक प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 12 IPS और 1 HPS अधिकारी के तबादले और नई तैनातियां की हैं। आदेशों के तहत कई जिलों के पुलिस अधीक्षक बदले गए हैं, वहीं साइबर क्राइम, विजिलेंस, जेल, ट्रेनिंग और कम्युनिकेशन जैसे महत्वपूर्ण विंग में भी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
सबसे अहम बदलाव शिमला में हुआ है, जहां एसपी सोलन गौरव सिंह को शिमला का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। शिमला के पूर्व एसपी संजीव कुमार गांधी के डीआईजी पद पर पदोन्नत होने के बाद उनकी नई पोस्टिंग अभी तय की जानी है।
जिलों में फेरबदल के तहत साल 2020 बैच के IPS सचिन हिरेमथ को एसपी ऊना और इसी बैच के तिरुमलाराजू एस.डी. वर्मा को एसपी सोलन लगाया गया है। वहीं साल 2006 बैच के HPS विनोद कुमार को एसपी मंडी की जिम्मेदारी दी गई है।
तैनाती का इंतजार कर रहे 2006 बैच के IPS अभिषेक दुल्लर को आईजी कम्युनिकेशन एंड टेक्निकल सर्विस शिमला नियुक्त किया गया है। 2008 बैच के IPS डॉ. डी.के. चौधरी को आईजी ट्रेनिंग सेंटर डरोह, कांगड़ा भेजा गया है। उनके कार्यभार संभालने के बाद आईजी बिमल गुप्ता अतिरिक्त जिम्मेदारी से मुक्त हो जाएंगे।
नॉर्दर्न रेंज धर्मशाला की डीआईजी सौम्या सांबशिवन को पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज डरोह के प्रिंसिपल का अतिरिक्त जिम्मा दिया गया है। एसपी साइबर क्राइम शिमला रोहित मलपानी को पदोन्नत कर डीआईजी साइबर क्राइम शिमला बनाया गया है।
एसपी लीव रिजर्व डॉ. रमेश चंदर छाजटा को डीआईजी जेल का जिम्मा सौंपा गया है। डीआईजी देवाकर शर्मा को इंटेलिजेंस एंड सिक्योरिटी धर्मशाला में तैनात किया गया है।
मंडी की एसपी साक्षी वर्मा को एसपी विजिलेंस ब्यूरो मंडी बनाया गया है। एसपी लीव रिजर्व पुलिस मुख्यालय शिमला अरविंद चौधरी को कमांडेंट 4th IRB जंगलबेरी नियुक्त किया गया है। एसपी ह्यूमन राइट्स कमीशन शिमला संदीप कुमार भारद्वाज को राज्यपाल का एडीसी लगाया गया है।
इसके अलावा एसपी ऊना अमित यादव और एसपी इंटेलिजेंस एंड सिक्योरिटी धर्मशाला रमन शर्मा को पुलिस मुख्यालय में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। इनकी नई तैनाती के आदेश अलग से जारी किए जाएंगे।
इस व्यापक फेरबदल को पुलिस प्रशासन में कार्यकुशलता, समन्वय और विशेष विंगों को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।



