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मनाली-शिमला में बढ़ा तापमान, सामान्य से ऊपर दर्ज, अब इस दिन बदलेगा मौसम

बिलासपुर में घना कोहरा, विजिबिलिटी 40 मीटर से नीचे
IMD का मंडी-बिलासपुर में यलो अलर्ट, 15 फरवरी तक मौसम साफ
विंटर सीजन में 19% और फरवरी में 65% कम बारिश


हिमाचल के बिलासपुर में शुक्रवार सुबह घने कोहरे ने जनजीवन की रफ्तार थाम दी। शहर और भाखड़ा बांध के आसपास विजिबिलिटी 40 मीटर से भी नीचे पहुंच गई, जिससे वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही और सुबह के समय यातायात प्रभावित दिखा।

कोहरे का असर सिर्फ बिलासपुर तक सीमित नहीं रहा। मंडी जिले के सुंदरनगर और बल्ह घाटी में भी हल्का कोहरा छाया रहा। इस बीच मौसम विभाग (IMD) ने शनिवार सुबह 10 बजे तक मंडी और बिलासपुर के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों को सुबह के समय सावधानी बरतने की सलाह दी है।

प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी मौसम का मिजाज बदला-बदला रहा। शिमला, मनाली, किन्नौर और कांगड़ा में सुबह के समय हल्के बादल छाए रहे और ठंडी हवाओं के बीच मौसम खराब बना रहा। हालांकि विभाग ने 15 फरवरी तक प्रदेश में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान जताया है। इस दौरान बारिश या बर्फबारी के आसार नहीं हैं।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 16 फरवरी को एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (WD) सक्रिय होगा, लेकिन इसका असर मुख्य रूप से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ही देखने को मिलेगा। निचले और मैदानी इलाकों में मौसम सामान्य रहने की संभावना है।

इस बीच तापमान में भी बदलाव दर्ज किया गया है। बीती रात पांवटा और सराहन को छोड़कर अधिकांश स्थानों पर न्यूनतम तापमान में हल्का उछाल आया। मनाली का न्यूनतम तापमान 3 डिग्री की बढ़ोतरी के बाद 5.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो सामान्य से 4.6 डिग्री अधिक है। वहीं शिमला का न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.3 डिग्री ज्यादा है।

बारिश के आंकड़े भी चिंताजनक संकेत दे रहे हैं। 1 जनवरी से 11 फरवरी तक के विंटर सीजन में प्रदेश में सामान्य से 19 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। जहां सामान्य तौर पर 126.5 मिलीमीटर वर्षा होती है, वहीं इस बार केवल 101.9 मिलीमीटर ही रिकॉर्ड हुई। किन्नौर में 55 प्रतिशत, चंबा में 39 प्रतिशत, शिमला में 22 प्रतिशत और लाहौल-स्पीति में 19 प्रतिशत कम बारिश-बर्फबारी हुई है।

फरवरी महीने के आंकड़े और भी कमजोर हैं। 1 से 13 फरवरी के बीच सामान्य से 65 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। इस अवधि में जहां 41.2 मिलीमीटर सामान्य वर्षा होती है, वहीं इस बार केवल 14.4 मिलीमीटर बारिश-बर्फबारी हुई है।