सूचना मिलते ही पुलिस और बीआरओ (BRO) की टीमें मौके पर पहुंच गईं और फंसे हुए वाहनों को सुरक्षित निकालने का अभियान शुरू किया गया। सड़क से बर्फ हटाने और यातायात बहाल करने के लिए मशीनों की मदद ली जा रही है। प्रशासन ने पर्यटकों और वाहन चालकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
उधर, प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। लाहौल स्पीति, चंबा और कुल्लू की ऊंची चोटियों पर ताजा हिमपात हुआ है, जबकि शिमला और कुफरी में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार आज रात तक कई क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी का दौर जारी रहने की संभावना है। लंबे समय से सूखे जैसे हालात के बाद हुई इस बारिश से प्रदेशवासियों ने राहत की सांस जरूर ली है।
मौसम में अचानक आए बदलाव के कारण तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। यह तापमान सामान्य से करीब 1.3 डिग्री नीचे चला गया है, जबकि दो दिन पहले तक यह सामान्य से करीब 5 डिग्री अधिक चल रहा था।
विभिन्न जिलों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। ऊना में सबसे ज्यादा 10.2 डिग्री की गिरावट के बाद अधिकतम तापमान 23.4 डिग्री रह गया। कसौली में 10.1 डिग्री गिरावट के बाद तापमान 13.3 डिग्री, चंबा में 9.8 डिग्री गिरकर 16.7 डिग्री, मनाली में 6.6 डिग्री कम होकर 15.0 डिग्री, जबकि शिमला में 5.5 डिग्री गिरकर अधिकतम तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार अगले छह दिन तक प्रदेश में बारिश और बर्फबारी का दौर जारी रह सकता है। कल भी अधिकांश क्षेत्रों में बादल बरसेंगे। हालांकि परसों वेस्टर्न डिस्टरबेंस कुछ कमजोर पड़ सकता है, लेकिन ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना बनी रहेगी।
इसके अलावा 18 मार्च से वेस्टर्न डिस्टरबेंस दोबारा सक्रिय होने की संभावना जताई गई है। इसके प्रभाव से 18 से 20 मार्च के बीच प्रदेश में दोबारा अच्छी बारिश और बर्फबारी हो सकती है। मौसम विभाग ने 21 मार्च तक लाहौल स्पीति और किन्नौर को छोड़कर अन्य सभी जिलों में आंधी-तूफान का यलो अलर्ट भी जारी किया है।



