Follow Us:

राज्यसभा चुनाव याचिका में हर्ष महाजन को बड़ी राहत—अभिषेक मनु सिंघवी की अर्जी खारिज

➤ हाईकोर्ट ने सिंघवी की गवाहों पर आपत्ति वाली अर्जी खारिज की

➤ अदालत ने कहा—चुनाव याचिका ट्रायल प्रकृति का मामला
➤ अब साक्ष्य और गवाहों के आधार पर आगे बढ़ेगी सुनवाई

शिमला। हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर चल रही हाई-प्रोफाइल कानूनी लड़ाई में भाजपा के राज्यसभा सांसद Harsh Mahajan को बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Abhishek Manu Singhvi द्वारा दायर उस अर्जी को खारिज कर दिया है, जिसमें गवाहों की आवश्यकता और जिरह को लेकर आपत्ति जताई गई थी।

अधिवक्ता विक्रांत ठाकुर के अनुसार, सिंघवी पक्ष ने अदालत में यह दलील दी थी कि इस मामले में गवाहों और विस्तृत साक्ष्यों की आवश्यकता नहीं है। इस पर अदालत में विस्तृत बहस हुई। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि चुनाव याचिका एक ट्रायल आधारित प्रक्रिया है, जिसमें साक्ष्य और गवाहों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

अदालत ने यह भी माना कि हर्ष महाजन की ओर से प्रस्तुत की गई गवाहों की सूची उचित, वैध और न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप है। इसी आधार पर सिंघवी की ओर से दायर आवेदन को खारिज कर दिया गया।

भाजपा ने इसे एक महत्वपूर्ण कानूनी जीत बताया है और कहा है कि यह फैसला चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और न्यायिक व्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है।

हर्ष महाजन ने फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सच्चाई को दबाने की हर कोशिश नाकाम होगी और अदालत ने साफ कर दिया है कि मामले में पूरी पारदर्शिता के साथ सच्चाई सामने आएगी।

अब इस मामले की आगे की सुनवाई साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर जारी रहेगी, जिससे राज्यसभा चुनाव विवाद के अहम पहलुओं पर अदालत में विस्तृत परीक्षण होगा।