➤ किन्नौर दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री, शोंगटांग परियोजना का करेंगे निरीक्षण
➤ सरकाघाट हत्याकांड पर जताया दुख, आरोपी की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की बात
➤ केएनएच शिफ्टिंग और चेस्टर हिल मामले पर भी मुख्यमंत्री ने दी बड़ी अपडेट
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू अपने दो दिवसीय किन्नौर प्रवास पर मंगलवार को किन्नौर पहुंचे। मुख्यमंत्री का चोलिंग सेना हेलीपैड पर भव्य स्वागत किया गया, जहां राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, जिला प्रशासन के अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने उनका अभिनंदन किया। प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री मंत्री जगत सिंह नेगी के साथ निर्माणाधीन 450 मेगावाट शोंगटांग जल विद्युत परियोजना का दौरा करेंगे। इसके बाद उनका व्यस्त कार्यक्रम रहेगा और रात्रि विश्राम कल्पा में होगा। बुधवार को मुख्यमंत्री रिकांग पिओ में राज्य स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे।

वहीं, मुख्यमंत्री ने मंडी के सरकाघाट में कॉलेज छात्रा की निर्मम हत्या की घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह घटना हम सभी के लिए बेहद शर्मसार करने वाली है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और डीजीपी को पहले ही सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने दोहराया कि घटना के तुरंत बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया, जिससे सरकार की संवेदनशीलता और सख्ती साफ दिखाई देती है। उन्होंने यह भी कहा कि आगे की कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की जाएगी।

शिमला के कमला नेहरू अस्पताल (KNH) को शिफ्ट करने की चर्चाओं पर भी मुख्यमंत्री ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि केवल गायनी विभाग को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया चल रही है, जबकि पूरे अस्पताल को कहीं और शिफ्ट नहीं किया जा रहा। यह फैसला मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि एमएलए हॉस्टल बनाने की सरकार की कोई मंशा नहीं है।

इसके अलावा चेस्टर हिल मामले में मुख्यमंत्री ने डीसी को जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार तथ्यों की पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही कार्रवाई करती है और प्रशासनिक अधिकारियों पर सरकार की पूरी पकड़ है।



