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एक जून से बिना ‘हिम बस कार्ड’ के सरकारी स्कूलों के छात्रों की मुफ्त बस यात्रा बंद होगी

अब तक केवल 12 हजार 502 छात्रों ने ही बनवाए ‘हिम बस कार्ड’

इंटरनेट और वेबसाइट समस्याओं के कारण हजारों छात्र अभी तक कार्ड नहीं बना सके


हिमाचल प्रदेश में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों छात्रों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राज्य में एक जून से सरकारी स्कूलों के छात्रों की मुफ्त बस यात्रा सुविधा बंद होने जा रही है। अब केवल उन्हीं छात्रों को हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की बसों में मुफ्त यात्रा का लाभ मिलेगा, जिन्होंने ‘हिम बस कार्ड’ बनवा लिया है। ऐसे में जिन छात्रों ने अभी तक कार्ड नहीं बनाए हैं, उनके पास आवेदन करने के लिए केवल आज और कल का समय बचा है।

HRTC प्रबंधन ने स्पष्ट कर दिया है कि ‘हिम बस कार्ड’ बनाने की अंतिम तिथि 31 मई है। इसके बाद बिना कार्ड वाले छात्रों को सरकारी बसों में सफर करने के लिए किराया देना पड़ेगा। इससे उन परिवारों की चिंता बढ़ गई है, जिनके बच्चे रोजाना दूर-दराज के क्षेत्रों से सरकारी बसों में सफर कर स्कूल पहुंचते हैं।

सबसे बड़ी बात यह है कि प्रदेश में अब तक केवल 12 हजार 502 छात्रों ने ही ‘हिम बस कार्ड’ बनवाए हैं, जबकि हर साल लगभग 50 हजार से 55 हजार छात्र मुफ्त यात्रा के लिए साधारण बस पास बनवाते थे। इस बार HRTC ने पुराने सामान्य कार्ड बंद कर दिए हैं और उनकी जगह ‘हिम बस कार्ड’ को अनिवार्य कर दिया गया है। यह कार्ड बनवाने के लिए छात्रों को 243 रुपए शुल्क भी देना पड़ रहा है।

निगम प्रबंधन के अनुसार पहले कार्ड बनाने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल रखी गई थी। हालांकि लोगों की मांग और कई क्षेत्रों से सामने आई समस्याओं के बाद इसे बढ़ाकर 31 मई कर दिया गया। पिछले तीन महीनों से HRTC लगातार छात्रों और अभिभावकों से समय पर कार्ड बनवाने की अपील करता रहा है।

प्रदेश के कई ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या और HRTC वेबसाइट पर कई सरकारी स्कूलों के नाम अपडेट न होने की वजह से भी हजारों छात्र अभी तक कार्ड नहीं बना पाए हैं। कई स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों ने निगम प्रशासन को इस परेशानी से अवगत भी कराया है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

हिमाचल प्रदेश सरकार पहली से बारहवीं कक्षा तक सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा देती है। राज्य के सरकारी स्कूलों में सात लाख से ज्यादा छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे बच्चों की है, जो दूरदराज क्षेत्रों से HRTC बसों में सफर कर स्कूल पहुंचते हैं। अब तक यह सुविधा सामान्य कार्ड के जरिए मिलती थी, लेकिन एक जून से यह व्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी।

इसी के साथ महिलाओं के लिए भी ‘हिम बस कार्ड’ अनिवार्य कर दिया गया है। प्रदेश में महिलाओं को सरकारी बसों में किराए में 50 प्रतिशत छूट दी जाती है। पहले इस सुविधा के लिए किसी कार्ड की जरूरत नहीं होती थी, लेकिन अब महिलाओं को भी ‘हिम बस कार्ड’ बनवाना जरूरी होगा।

प्रदेश में अब यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में छात्र अभी तक कार्ड क्यों नहीं बनवा पाए। अभिभावकों का कहना है कि ऑनलाइन व्यवस्था और तकनीकी समस्याओं के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। वहीं छात्रों और अभिभावकों की मांग है कि सरकार और HRTC प्रबंधन कार्ड बनाने की समय सीमा को एक बार फिर बढ़ाए ताकि कोई भी छात्र मुफ्त यात्रा सुविधा से वंचित न रहे।