➤ बेमौसम बारिश-ओलावृष्टि से हिमाचल में बागवानी और कृषि को 39 करोड़ का नुकसान
➤ 12 और 13 मई के लिए कई जिलों में भारी ओलावृष्टि और तेज अंधड़ का ऑरेंज अलर्ट
➤ सेब उत्पादकों की बढ़ी चिंता, बागवानों को एंटी हेल नेट लगाने की सलाह
हिमाचल प्रदेश में अप्रैल और मई के दौरान हुई बेमौसम बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि ने बागवानी और कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचाया है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार प्रदेश में बागवानी क्षेत्र को करीब 29 करोड़ रुपये और कृषि फसलों को लगभग 10 करोड़ रुपये की क्षति हुई है। लगातार बिगड़ते मौसम और मौसम विभाग की आगामी पांच दिनों की चेतावनी ने खासकर सेब उत्पादकों की चिंता बढ़ा दी है।

सबसे अधिक नुकसान शिमला जिला के जुब्बल-कोटखाई, चौपाल, रोहड़ू और ठियोग क्षेत्रों में दर्ज किया गया है। तेज ओलावृष्टि के कारण सेब के छोटे फल पेड़ों से टूटकर गिर गए हैं, जबकि नई पत्तियों और कोमल टहनियों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा मटर, गोभी और बीन जैसी नकदी फसलें भी प्रभावित हुई हैं। मंडी, कुल्लू और सिरमौर जिलों से भी बागवानी क्षेत्र में व्यापक नुकसान की रिपोर्ट सामने आई है।

बागवानों का कहना है कि इस बार पहले कम बर्फबारी और अब असमय ओलावृष्टि ने उत्पादन पर दोहरी मार डाली है। हिमाचल प्रदेश फल एवं सब्जी उत्पादक संघ के अध्यक्ष Harish Chauhan ने कहा कि भारी ओलावृष्टि का असर सिर्फ मौजूदा फसल पर ही नहीं पड़ेगा, बल्कि अगले सीजन की वृद्धि भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आने वाले दिनों में मौसम इसी तरह खराब रहा तो उत्पादन और गुणवत्ता दोनों पर गंभीर असर पड़ेगा। प्रभावित बागवानों ने सरकार से विशेष राहत पैकेज और उचित मुआवजे की मांग की है।
मौसम विभाग ने किसानों और बागवानों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए एंटी हेल नेट के इस्तेमाल की सलाह दी है। विभाग ने कहा है कि ओलावृष्टि और तेज हवाओं से बचाव के लिए बागवान तुरंत सुरक्षा उपाय अपनाएं। साथ ही बारिश और अंधड़ के चलते सड़कों पर फिसलन और दृश्यता कम होने की संभावना को देखते हुए वाहन चालकों को भी विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

मौसम विभाग ने 12 और 13 मई के लिए कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में भारी ओलावृष्टि के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। बिजली कड़कने और तेज बारिश की भी संभावना जताई गई है। वहीं ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन और सिरमौर में भी तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 15 मई तक मौसम खराब बना रहेगा। 14 और 15 मई के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 16 मई को मैदानी इलाकों में मौसम साफ रहने की संभावना है, जबकि मध्यम और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम खराब बना रह सकता है। 12 से 14 मई के दौरान अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है।
जिला कुल्लू में रविवार रात भारी बारिश और तेज अंधड़ से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। कई घरों, स्कूलों और गोशालाओं की छतें उड़ गईं। कई स्थानों पर पेड़ गिरने से सड़कें बंद हो गईं। सुल्तानपुर में पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जबकि रघुपुर घाटी में सेब के बगीचों में लगी नेट और कई पेड़ क्षतिग्रस्त हुए हैं। जिला प्रशासन नुकसान का आकलन करने में जुटा है। उपायुक्त Anurag Chandra Sharma ने बताया कि सभी क्षेत्रों से रिपोर्ट मांगी गई है।
हमीरपुर जिले में सोमवार तड़के करीब तीन बजे आए तेज अंधड़ ने बिजली व्यवस्था को प्रभावित किया। कई जगह बिजली के खंभे टूट गए और पेड़ गिरने से सड़कें बाधित हुईं। नौहली पुल के पास सुजानपुर-हमीरपुर मार्ग पर पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित रहा। बिजली विभाग की टीमें सुबह से बहाली कार्य में जुटी रहीं।
प्रदेश में बिगड़ते मौसम ने जहां किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ा दी है, वहीं प्रशासन और राहत एजेंसियां भी अलर्ट मोड पर हैं।



