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सपा प्रमुख अखिलेश यादव के भाई प्रतीक नहीं रहे, 38 की उम्र में मौत… क्या थी असली वजह?

➤ अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव का 38 वर्ष की उम्र में निधन
➤ लखनऊ के सिविल अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित, मौत की वजह स्पष्ट नहीं
➤ पोस्टमॉर्टम के बाद विसरा सैंपल सुरक्षित, परिवार में शोक की लहर


लखनऊ: समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav के छोटे भाई Prateek Yadav का बुधवार सुबह निधन हो गया। वह 38 वर्ष के थे। जानकारी के अनुसार सुबह करीब छह बजे उनकी पत्नी Aparna Yadav के भाई अमन सिंह बिष्ट उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

सिविल अस्पताल के चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. डीसी पांडेय के अनुसार अस्पताल पहुंचने तक प्रतीक की पल्स पूरी तरह डाउन हो चुकी थी और हृदय भी काम करना बंद कर चुका था। घटना के बाद परिवार और समर्थकों में शोक की लहर फैल गई।

बताया जा रहा है कि अपर्णा यादव उस समय असम में थीं और मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल होने गई थीं। सूचना मिलते ही वह लखनऊ पहुंचीं। प्रतीक यादव के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया है। प्रारंभिक जांच में शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिले हैं, लेकिन मौत के स्पष्ट कारण सामने न आने के चलते डॉक्टरों ने विसरा सैंपल सुरक्षित रख लिया है।

पोस्टमॉर्टम के बाद शव को उनके आवास ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी गईं। इस दौरान अखिलेश यादव भी पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे और परिवार के सदस्यों तथा डॉक्टरों से बातचीत की। उन्होंने इसे बेहद दुखद घटना बताया।

जानकारी के अनुसार, इससे पहले 30 अप्रैल को प्रतीक यादव की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने उन्हें फेफड़ों की गंभीर बीमारी पल्मोनरी एम्बोलिज्म से पीड़ित बताया था। कुछ दिन उपचार के बाद वे बिना औपचारिक छुट्टी के घर लौट आए थे।

प्रतीक यादव, दिवंगत Mulayam Singh Yadav की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे। उन्होंने ब्रिटेन की लीड्स यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी और राजनीति से दूर रहकर रियल एस्टेट व फिटनेस कारोबार से जुड़े हुए थे।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव का बुधवार को निधन हो गया। महज 38 साल की उम्र में उनकी मौत की खबर से लोग हैरान हैं। प्रतीक की जिंदगी उतार-चढ़ाव से भरी रही है।

यादव परिवार से होने के बावजूद प्रतीक को राजनीति पसंद नहीं थी। वह कभी सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर नहीं आते थे। न ही मीडिया में कभी कोई बयान देते थे। वह अपनी कहानी सिर्फ सोशल मीडिया से बयां करते थे।

प्रतीक जब 3 साल के थे, तभी उनके माता-पिता का तलाक हो गया। फिर मां साधना ने मुलायम सिंह यादव से शादी की। मुलायम ने प्रतीक को बेटे का हक दिया। प्रतीक ने 15 साल पहले अपर्णा बिष्ट से लव मैरिज की। इसके बाद प्रतीक कभी पत्नी से विवाद, तो कभी प्रॉपर्टी विवाद को लेकर ही चर्चा में आए।

करीबी बताते हैं कि प्रतीक ने धीरे-धीरे दोस्तों से भी दूरी बना ली थी। कहा जा रहा है कि प्रतीक पल्मोनरी एम्बोलिज्म जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। लेकिन इसकी जानकारी सिर्फ परिवार तक ही सीमित थी।

पल्मोनरी एम्बोलिज्म (Pulmonary Embolism) एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है, जिसमें फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं (Pulmonary Arteries) में खून का थक्का (Blood Clot) फंस जाता है। इससे फेफड़ों तक खून और ऑक्सीजन का प्रवाह रुकने लगता है, जिससे सांस लेने में दिक्कत और हार्ट पर दबाव बढ़ जाता है।

अधिकतर मामलों में यह खून का थक्का पैरों की नसों (Deep Vein Thrombosis – DVT) से टूटकर फेफड़ों तक पहुंचता है।

पल्मोनरी एम्बोलिज्म के मुख्य लक्षण

➤ अचानक सांस फूलना
➤ सीने में तेज दर्द, खासकर सांस लेने पर
➤ तेज धड़कन
➤ चक्कर आना या बेहोशी
➤ खांसी के साथ खून आना
➤ बेचैनी और घबराहट

किन लोगों में खतरा ज्यादा

➤ लंबे समय तक एक जगह बैठे रहने वाले लोग
➤ मोटापा या ज्यादा वजन
➤ धूम्रपान करने वाले
➤ हार्ट या फेफड़ों की बीमारी वाले मरीज
➤ हाल ही में सर्जरी या चोट लगने वाले लोग
➤ हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज के मरीज

बीमारी कितनी खतरनाक?

पल्मोनरी एम्बोलिज्म को मेडिकल इमरजेंसी माना जाता है। समय पर इलाज न मिले तो यह जानलेवा साबित हो सकता है, क्योंकि इससे शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई अचानक प्रभावित हो जाती है।

इलाज कैसे होता है?

➤ ब्लड थिनर दवाइयां दी जाती हैं
➤ गंभीर स्थिति में क्लॉट हटाने की प्रक्रिया की जाती है
➤ ऑक्सीजन सपोर्ट और ICU निगरानी की जरूरत पड़ सकती है
➤ कुछ मामलों में सर्जरी भी करनी पड़ती है

बचाव के तरीके

➤ लंबे समय तक लगातार बैठने से बचें
➤ नियमित वॉक और एक्सरसाइज करें
➤ पर्याप्त पानी पिएं
➤ धूम्रपान से दूरी रखें
➤ डॉक्टर की सलाह के बिना दवाइयां न लें