➤ वन निगम कर्मचारियों को 3% महंगाई भत्ता, 175 कर्मचारियों को मिलेगा बोनस
➤ दैनिक वेतनभोगी और पात्र अनुबंध कर्मचारियों के नियमितीकरण को मंजूरी
➤ न्यूनतम दिहाड़ी बढ़कर 450 रुपये, नाहन आरएंडटी फैक्ट्री के आधुनिकीकरण को हरी झंडी
शिमला। हिमाचल प्रदेश राज्य वन विकास निगम (एचपीएसएफडीसी) के कर्मचारियों के लिए राज्य सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित निगम के निदेशक मंडल की 216वीं बैठक में कर्मचारियों को 1 अप्रैल 2025 से 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) देने की मंजूरी प्रदान की गई। इसके साथ ही 21 हजार रुपये तक मासिक वेतन पाने वाले 175 कर्मचारियों को बोनस देने का भी निर्णय लिया गया है। इन फैसलों से वन निगम के कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलेगी।
बैठक में राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुरूप उन दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की सेवाएं नियमित करने को भी मंजूरी दी गई, जिन्होंने पिछले चार वर्षों में प्रत्येक वर्ष 240 कार्य दिवस पूरे किए हैं। इसके अलावा सरकार की नीति के तहत पात्र अनुबंध कर्मचारियों के नियमितीकरण को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इस निर्णय से लंबे समय से नियमितीकरण की प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों को बड़ा लाभ मिलेगा।
निदेशक मंडल ने विभिन्न श्रेणियों के श्रमिकों की न्यूनतम दैनिक मजदूरी में भी बढ़ोतरी का फैसला लिया। अब न्यूनतम दिहाड़ी 425 रुपये से बढ़ाकर 450 रुपये कर दी गई है। बढ़ी हुई यह मजदूरी 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी। सरकार का मानना है कि इससे श्रमिकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और उन्हें बढ़ती महंगाई से कुछ राहत मिलेगी।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने निगम के कार्यों और वित्तीय स्थिति की समीक्षा भी की। उन्होंने बिलासपुर स्थित रेजिन एवं टरपेंटाइन (आरएंडटी) फैक्ट्री के आधुनिकीकरण के बाद राजस्व में हुई वृद्धि पर संतोष व्यक्त किया। इसके बाद निदेशक मंडल ने नाहन स्थित आरएंडटी फैक्ट्री के आधुनिकीकरण को भी मंजूरी दे दी, जिससे उत्पादन क्षमता बढ़ने के साथ-साथ निगम की आय में और वृद्धि होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अधिकारियों को निगम की वित्तीय स्थिति को और मजबूत बनाने, राजस्व बढ़ाने, कार्यकुशलता में सुधार लाने तथा नवाचार आधारित योजनाओं को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निगम की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए।
बैठक में वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, मुख्य सचिव केके पंत, प्रधान मुख्य अरण्यपाल एवं प्रबंध निदेशक संजय सूद, विशेष सचिव (वित्त) विजय वर्धन सहित निदेशक मंडल के सदस्य और निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



